Tuesday, June 15, 2021
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कोविड एप्रोप्रिएट बिहैवियर होगा पढ़ाई द्वार का हिस्सा,

  • तीसरी लहर की आशंका से बच्चों को सुरक्षित रखने प्रयास तेज,टास्क फोर्स की पहली बैठक में लिया गया निर्णय,
  • इलाज के लिए मेडिकल तैयारियों के साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए चलाया जाएगा गहन अभियान
  • कलेक्टर डा.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि टास्क फोर्स के अधिकारियों के ऊपर अहम जिम्मेदारी,जितना बेहतर तरीके से कार्य होगा बच्चे होंगे उतने ही सुरक्षित

दुर्ग/ तीसरी लहर की दशा में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका की स्थिति में इससे निपटने के उपाय के लिए जिले में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। आज इसकी पहली अहम बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर बेहद सजग रहने की आवश्यकता है यदि तीसरी लहर की स्थिति बनती है तो उसकी रोकथाम के लिए पूरे उपाय इस मौके पर करना बेहद आवश्यक है। इसमें भी अहम है कि तीसरी लहर यदि बच्चों को भी गंभीर रूप से संक्रमित करे तो इसका क्या उपाय होगा। इसके लिए मेडिकल तैयारियाँ पूरी तरह से की जा रही है लेकिन प्रशासन का उद्देश्य यह है कि इसकी जरूरत ही न पड़े। यह हो पाएगा, कोविड एप्रोप्रिएट बिहैवियर से। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, सीएमएचओ डा. गंभीर सिंह ठाकुर एवं कोविड कंट्रोल की नोडल अधिकारी सुश्री प्रियंका वर्मा भी उपस्थित थी। कोविड एप्रोप्रिएट बिहैवियर किस तरह से होगा इसके लिए कलेक्टर ने बैठक में टास्क फोर्स में निर्देश दिये। अधिकारियों ने भी इसमें फीडबैक दिये जो इस प्रकार हैं।

आनलाइन पढ़ाई में कोविड बचाव के उपाय शामिल किए जाएंगे- कलेक्टर ने कहा कि पढ़ई तुंहर द्वार में कोविड से बचाव के बारे में बच्चों को जानकारी दी जाएगी। किस तरह से मास्क पहनना उन्हें संक्रमण से बचाता है। किस तरह से हाथ धोने से शरीर में हाथों के माध्यम से आने वाले बैक्टीरिया और वायरस नष्ट होते हैं उनके बारे में बताना। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को इसे रोचक एनीमेशन माध्यमों से भी बताएं ताकि मनोरंजन के माध्यम से इसका संदेश भी बच्चों तक पहुँचे। इसके लिए आनलाइन विशेष सत्र भी चलाने के निर्देश कलेक्टर ने दिये।
खतरे के चिन्हों के बारे में जागरूक करेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। वे अपने केंद्रों में स्थिति पर विशेष नजर रखेंगी और कोविड के जैसे लक्षणों के चिन्हांकित होते ही इसकी जानकारी अधिकारियों को देंगी। साथ ही गृह भेंट के दौरान काउंसिलिंग में कुपोषण को हटाने के साथ ही कोविड एप्रोप्रिएट बिहैवियर के संबंध में जानकारी दी जाएगी।स्वास्थ्य विभाग टास्क फोर्स से जुड़े विभागों के जमीनी कार्यकर्ताओं का करेगा प्रशिक्षण ताकि खतरे के चिन्हों को पहचानने में आसानी हो- स्वास्थ्य विभाग द्वारा आने वाले दिनों में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जाएगा। यहाँ विशेषज्ञ चिकित्सक कोविड की बारीकियों के बारे में जमीनी कार्यकर्ताओं को बताएंगे। बेहतर प्रशिक्षण से शुरूआती दौर में ही संक्रमण को रोक पाने में मदद मिलेगी।

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