Wednesday, August 4, 2021
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बारिश के भरोसे खेती,बारिश नही होने से सूखने लगा धान,नर्सरी में लगे पौधे,किसान चिंतित

जबेरा/धान की रोपाई के लिए अच्छी वारिश की उम्मीद के चलते किसानों में जून माह के बीच मे धान की नर्सरी लगा दी थी और लेकिन वारिश के इंतजार में किसानों को एक माह बीत गया है। लेकिन वारिश है कि हो नही रही और किसानों धान के पौधों की रोपाई के लिए बारिश की जरूरत है। वारिश नही होने से धान की नर्सरी में लगे पोधो को सूखने से बचाने के लिए किसानों मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा कहीं-कहीं धान के रूपा को बचाने के लिए किसानों के द्वारा स्प्रिंकलर से सिंचाई की जा रही है।

तो कहीं कहीं पानी के टैंकर खेतों तक ले जाकर सूखते पौधों पर पानी डाला जा रहा है। छोटे किसानों की परेशानी आए हैं की सिंचाई का साधन नहीं होने पर खुद कुओं से पानी गुम्मो में पानी ढोकर खुद धान की नर्सरी को सींच रहे है। किसानों की चिंता इस बात को लेकर है। धान नर्सरी मैं खड़े पहुंचे की रोपाई 15 से 20 दिनों में हो जाना चाहिए लेकिन एक महीने से बारिश नहीं होने पर नर्सरी के पौधों को बचाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है ।

बारिश नही होने के कारण किसान हताश हैं। इस सप्ताह भी अच्छी बारिश नहीं हुई तो पौधे निश्चित सूख जाएंगे ।बारिश के अभाव में धान के पौधे सूखने लगे हैं। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। वावजूद इसके किसान धान के पौधे को सिचाई करके जीवित रखने के लिए दिन रात सिचाई में जुटे है वारिश नही हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। मौसम के रुठने से किसान चिंतित हैं।

गूढ़ा अंतरा बीजाडोंगरी किसान पर्वत पटेल खिलान सिंह आनंद सिंह साहब सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की नर्सरी में नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है।क्योंकि जबेरा जनपद के में सर्वाधिक धान की खेती का रकवा है। क्योंकि बम्होरी माला इमलिया टपरिया चिलोद चोपरा मझगवां इमलिया हिनोति रोड सगरा में सर्वाधिक धान की खेती होती है।

मनोहर शर्मा /दमोह

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