Friday, September 24, 2021
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भंवरकुआं चौराहा के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की बाधा दूर

विश्वविद्यालय द्वारा मंदिर और थाना के निर्माण के लिये जमीन देने पर बनी सहमति, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

इंदौर: भंवरकुआं चौराहा के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण में आ रही बाधाएं शीघ्र ही दूर होगी। भंवरकुआं चौराहे के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा भंवरकुआं थाना और मंदिर के लिये जमीन मुहैया करायी जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय के विस्तार के लिये भूमि उपलब्ध करायी जायेगी। इस संबंध में आज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में संपन्न हुई उच्च स्तरीय बैठक में आम सहमति बनी।

विश्वविद्यालय और इंदौर की प्रगति एवं विकास से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा हेतु उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। इस बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, विधायक आकाश विजयवर्गीय, कुलपति रेनु जैन, कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल सहित अन्य अधिकारी जनप्रतिनिधि आदि मौजूद थे।

बैठक में तय किया गया कि सभी सहयोग से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या अगले वर्ष तक दोगुनी करने की क्षमता विकसित की जाएगी। विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए सिम्बायोसिस विश्वविद्यालय के पास ज़मीन प्रदान की जाएगी। विश्वविद्यालय द्वारा भंवरकुआ चौराहे के चौड़ीकरण के लिए ज़मीन उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही थाना भवन निर्माण एवं मंदिर के लिए भी ज़मीन देने पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सहमति जतायी गई है।

इस संबंध में आगामी कार्यपरिषद की बैठक में निर्णय को अंतिम रूप दिया जायेगा। आज की बैठक में उपस्थित कार्यपरिषद के सदस्यों ने भी शहर हित में विकास के लिये उक्त जमीन देने के संबंध में अपनी सहमति व्यक्त की। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने शिखर पर पहुँचे इसके लिए शासन-प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार उन्हें जमीन भी मुहैया करायी जाने की कार्यवाही की जायेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है, विश्वविद्यालय को उसी आधार पर नए पाठ्यक्रम प्रारंभ शुरू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को कृषि आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने चाहिए, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में जो भी समस्याएं आती हैं उनका निराकरण किया जाएगा। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है इसके लिये हमारी अपेक्षाएं भी अधिक हैं। उन्होंने ज़िला प्रशासन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग करने को कहा।

बैठक में मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा ऊषा ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, विधायक आकाश विजयवर्गीय आदि ने भी अपने विचार रखे। बैठक के प्रारंभ में कुलपति प्रोफेसर रेणु जैन ने विश्वविद्यालय की प्रगति से संबंधित पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के विकास हेतु विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में कार्यपरिषद सदस्य अनंत पवार, विश्वास व्यास, ओम शर्मा एवं अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा तथा सुरेश सिलावट भी उपस्थित थे। इस अवसर पर कुलाधिसचिव अशोक शर्मा एवं कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा ने भी बैठक को संबोधित किया।

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