Tuesday, June 15, 2021
spot_img
HomeMain-sliderमुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-नायक बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया,

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-नायक बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया,

इंदौर / मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 9 जून को भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि जनजातियों के अधिकार,स्वाभिमान,स्वतंत्रता,संस्कृति को बचाने के लिए ‘अबुआ दिशुम अबुआ राज’ यानि ‘हमारा देश,हमारा राज’ का नारा देने वाले लोकनायक बिरसा मुंडा के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वे उलगुलान आंदोलन के प्रणेता थे।

जन-नायक बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के खुटी जिले के उलीहातु गाँव में हुआ। वे हमेशा अपने समाज की ब्रिटिश शासकों द्वारा की गई बुरी दशा को लेकर चिंतित रहते थे। मुंडा जनजाति हैजा, चेचक, सांप के काटने और बाघ के खाए जाने को ईश्वर की मर्जी मानती थी। बिरसा मुंडा उन्हें सिखाते कि बीमारियों से कैसे लड़ा जाता है। अपनी इस सेवा के कारण बिरसा मुंडा अपने क्षेत्र में ‘धरती आबा’ यानी ‘धरती पिता’ हो गए थे। राष्ट्रीय आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाकर देशभक्ति की अलख जगाने वाले ‘धरती आबा’ बिरसा मुंडा को भगवान माना जाने लगा।

अक्टूबर 1894 को बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों से लगान माफी के लिए आंदोलन किया। वर्ष 1897 से 1900 के बीच मुंडाओं और अंग्रेजी सिपाहियों के मध्य युद्ध होते रहे और बिरसा मुंडा के नेतृत्व में मुंडाओं ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया। मार्च 1900 में चक्रधरपुर में बिरसा मुंडा एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बिरसा मुंडा ने अपनी अंतिम सांस 9 जून 1900 को रांची कारागार में ली।

Spread the love
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Spread the love