Tuesday, June 15, 2021
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लॉकडाउन बनाम शटडाउन

यदि तोड़ना है कोरोना की चेन, तो शटडाउन हो एक बार

भारत में कुछ राज्य सरकारों द्वारा पिछले कई माह से खंड खंड में लाकडाउन लगाकर कोरोना की चेन को रोकने का प्रयास किया गया, फिर भी यह महामारी अपना विकराल रूप दिखा रही है, इसलिए यदि कोरोना की चैन को रोकना है तो सिर्फ एक विकल्प है। पूरे भारत मे लॉकडाउन की जगह एक बार सम्पूर्ण शटडाउन होना चाहिए।

कोरोना से संबंधित आंध्रप्रदेश से जो खबरें आ रही हैं, जिसमें कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। इसे AP Strain और N440K का नाम दिया गया है । सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ( CCMB ) के वैज्ञानिकों ने बताया कि ये भारत में मौजूदा स्ट्रेन के मुकाबले 15 गुना ज्यादा खतरनाक है। इससे संक्रमित होने वाले मरीज 3-4 दिनों में हाइपोक्सिया या डिस्पनिया के शिकार हो जाते हैं । मतलब मरीज के फेफड़े तक सांस पहुंचना बंद हो जाती है । सही समय पर इलाज और ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिला तो मरीज की मौत हो जाती है । भारत में इन दिनों इसी के चलते ज्यादातर मरीजों की मौत हो रही है । वैज्ञानिको के मुताबिक सबसे चिंता की बात है कि इस वैरिएंट के आगे अच्छे अच्छे इम्यूनिटी वाले व्यक्ति भी फेल हो जा रहे हैं । मतलब ये ऐसे लोगों को भी नहीं छोड़ रहा जिनकी इम्यूनिटी मजबूत है। इस नए स्ट्रेन के चलते लोगों के शरीर में साइटोकाइन स्टॉर्म की समस्या आती है ।
वैज्ञानिकों के मुताबिक , ये स्ट्रेन युवा और बच्चों पर तेजी से हावी हो रहा है । विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते इसकी चेन को तोड़ा नहीं गया तो कोरोना की दूसरी लहर और भी ज्यादा भयावह परिणाम ला सकती है । ये मौजूदा स्ट्रेन B1617 और B117 से कहीं ज्यादा खतरनाक है।
कोरोना के संदर्भ में भारत की जानी मानी संस्थाओं में IIM, AIIMS व ICMR जैसे संस्थान इस विषय पर बार बार सरकार को अपना महत्वपूर्ण सुझाव दे रहे हैं कि अब भी देर नही हुई, कोरोना चैन को अगर तोडना है तो सही और एकमात्र विकल्प भारत मे एक सुनियोजित तरीके से 10 से 15 दिनों के लिए सम्पूर्ण शटडाउन होना चाहिए।
वैसे भी भारत की एक नामी शिक्षण संस्थान IIT खड़गपुर के शोधकर्ताओं के द्वारा गणितीय पद्धति से की गई रिसर्च के आधार पर यह कहा जा रहा है कि, आने वाले दो सप्ताह भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगें क्योंकि आने वाले सप्ताह में सम्पूर्ण भारत मे कोरोना की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ेगी जिससे प्रतिदिन 4 से 5 लाख व्यक्तियों के संक्रमित होने का अनुमान है।
विगत एक माह से कुछ राज्यों के द्वारा कोरोना के चैन को रोकने हेतु चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन लगाया गया जिसमें, बाजार के समय में कुछ छूट भी जारी की थी जिसका लोगों ने गलत फायदा उठाया। जनता, प्रतिष्ठान, व दुकानदार लोगों के द्वारा इस छूट का गलत फायदा लेने के कारण कोरोना की चैन को रोकने में कोई सही सफलता किसी राज्य को प्राप्त नही हुई बल्कि स्थिति जस की तस बनी।

वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना की चैन को रोकने के किये कम से कम 14 दिनों का शटडाउन होना चाहिए। अगर सही मायने में कोरोना की चैन को रोकना है तो सरकार को केवल एकमात्र विकल्प के रूप में लोगोँ को पूर्व सूचना देकर अविलंब 10 से 15 दिनों के लिए सम्पूर्ण भारत में सख्त से सख्त शटडाउन लगाना चाहिए जिसमें केवल मेडिकल से संबंधित संस्थानों को छोड़कर किसी प्रकार की कोई छूट न जनता को दी जाय न किसी बाजार या सरकारी महकमा को।
यही एकमात्र विकल्प है कोरोना की चैन को बढ़ने से रोकने के लिए।
अंततः इस महामारी को रोकने हेतु सरकार के द्वारा किये जा रहे प्रयासों में जन जन का पूर्ण सहयोग भी अपेक्षित है।

साईलक्ष्मी रेपल्ली

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