Friday, December 3, 2021
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स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने के लिये इंदौर जिले में व्यापक तैयारियां

इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र को भी बनाया जायेगा स्वच्छता में अव्वल-तैयारियां प्रारंभ

इंदौर: इंदौर जिले में शहरी क्षेत्र के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्र को भी स्वच्छता में अव्वल बनाया जायेगा। इसके लिये व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गयी है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में इंदौर‍ जिला शामिल हो रहा है। इसके लिये व्यापक तैयारियां की जा रही है। यह जानकारी आज यहां रविन्द्र नाट्य गृह में संपन्न हुई एक दिवसीय कार्यशाला में दी गयी।

कार्यशाला में उपस्थित सभी पंचायत सचिवों तथा स्वच्छता से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु चंद्र, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी मधुलिका शुक्ला, स्वच्छता अभियान के नोडल अधिकारी मुकेश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यशाला में स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी। बताया गया कि यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय स्तर पर होगा। सर्वेक्षण के विभिन्न चरण होंगे। स्वच्छता की रैकिंग नागरिक प्रतिक्रिया, प्रत्येक्ष अवलोकन, सेवा स्तर की प्रगति के आधार पर होगी। अभी नागरिक प्रतिक्रिया लेने का कार्य प्रारंभ हो गया है।

कार्यशाला में निर्देश दिये गये कि गांवों में सार्वजनिक स्थल पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उनका फीडबैक लिया जाये और उसे स्वच्छता सर्वेक्षण के एप में दर्ज कराया जाये। इंदौर जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (चरण-2) के सफल क्रियान्वयन तथा मिशन के चरण-1 के तहत प्राप्त की गई उपलब्धियों की स्थिरता और ग्रामीण इंदौर में ठोस/तरल और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) के लिये पर्याप्त सुविधाओं के आधार पर भी रैकिंग होगी।

बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों को ODF प्लस कैटेगरी में शामिल करने के लिए सात जरूरी मापदंड है, जिनमें गांव के सभी घरों में व्यक्तिगत शौचालय की उपलब्धता एवं उनका उपयोग, 100 से अधिक घरों वाले गांवों में आवश्यकता अनुसार सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण हो, गांव में स्थित समस्त शासकीय भवन स्कूल, आंगनवाडी आदि में शौचालय की उपलब्धता हो या नजदीक में यह व्यवस्था हो तथा इसका उपयोग हो। 

गांव में जैविक कचरे एवं ग्रे वॉटर के प्रबंधन के लिये आवश्यक अधोसंरचना हो। गांव में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की क्रियाशील प्रणाली, गांव के समस्त सार्वजनिक स्थलो पर दृश्य स्वच्छता सुनिश्चित हो तथा ग्राम के सार्वजनिक स्थलों पर ओडीएफ प्लस के न्यूनतम 05 संदेशों का लिखा होना आवश्यक है।

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