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स्वास्थ्य युक्तियाँ: पहले के दौर में बहरेपन की समस्या बड़ी उम्र के लोगों को होती थी, लेकिन आज के दौर में युवाओं में कम वजन होना या बहरेपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है और यह एक है कारण हेडफोन है. जी हां, म्यूजिक सुनने के लिए यहां अटेंड करें या किसी से बात करने के लिए फोन करें अगर आप हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं तो एक बार इस खबर को जरूर पढ़ें, क्योंकि हेडफोन की तेज आवाज और ठंडी आपके कानों के पर्दों इससे नुकसान हो सकता है और कान में दर्द के साथ-साथ बहरेपन की समस्या भी हो सकती है।
कानों को नुकसान पहुंचाने वाली तेज आवाज
हमारे कान का बेहतर हिस्सा बहुत सेंस असामान्य होता है। कान के अंदर हजारों अनोखे होते हैं और इनमें से कुछ तो बालों से भी ज्यादा लचीले होते हैं। यह साधारण आवाज को मस्तिष्क के माध्यम से मस्तिष्क तक भेजा जाता है, लेकिन जब तेज आवाज होती है तो इन सामान्य पर अधिक दबाव पड़ता है और इसका काम बाधित होता है। विशेष रूप से अधिकांश हेडफोन या ईयरबड्स के इस्तेमाल से क्रेन को सबसे अधिक नुकसान होता है, क्योंकि यह तेज आवाज सीधे आपके स्पीकर तक जाती है और इससे ईयरबड्स का आकार प्रभावित होता है।
हेडफोन की आवाज से फट सकते हैं कान के जादू
एक रिसर्च के 85 से 110 डेसिबल से ज्यादा आवाज 2 घंटे या उससे अधिक समय तक की आवाज से रिपब्लिक में गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, जबकि 105 से 110 डिसेबल से ज्यादा आवाज से 5 मिनट तक की आवाज से भी रिपब्लिक को नुकसान पहुंच सकता है। इतना ही नहीं लंबे समय तक अगर आप तेज आवाज में हेड फोन का इस्तेमाल करते हैं और इसमें शामिल गानों को सुनाते हैं या बातचीत करते हैं तो इससे कान के सिनेमाघर और संगीत की हानि का भी खतरा रहता है।
कितनी होनी चाहिए हेडफ़ोन की आवाज़
विशेषज्ञों के अनुसार आपके हेडफोन या ईयरबड्स की आवाज का स्तर 60 से 70 डेसिबल के बीच ही होना चाहिए। इतना ही नहीं आपको लगातार कभी भी हेडफोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कान में हवा और ऑक्सीजन की रोकथाम के लिए आपको बीच-बीच में हेडफोन वापस रखना चाहिए, ताकि संक्रमण का कोई खतरा न हो। ईयर फोन के अंदर जो रबर सेट होता है उसका समय-समय पर सफ़ाई करना रहता है या फिर उसे चेंज करना रहता है।
इनका भी ध्यान रखें
सिर्फ हेड फोन से ही नहीं बल्कि अगर आप किसी ऐसे प्रोग्राम में जा रहे हैं जहां पर बहुत तेज आवाज है तो कोशिश करें कि आप कान में थोड़ा सा कॉटन डाल लें। भैंस की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। हालाँकि, कभी-कभी आपको साल-भर या फिर किसी परमाणु वस्तु से सफाई नहीं करानी चाहिए, बल्कि योग्यता से उसे साफ़ करना चाहिए। अगर सिरदर्द, झनझनाहट या कान बजने की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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