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स्वास्थ्य रपट: हमारे किचन का रिफाइंड ऑइल स्लो पॉइजन है जो धीरे-धीरे हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। जी हां, जिस रिफाइंड सोयाबीन तेल का इस्तेमाल आप सब्जियों से लेकर पर करते हैं, उससे उन्हें कोलेस्ट्रॉल, हृदय संबंधी समस्या, खून की कमी, ठंड जैसे नुकसान भी हो सकते हैं। ऐसे में दवा बनाने के लिए किस तेल का इस्तेमाल किया जाए और कौन सा तेल आपके लिए कमाल हो सकता है आइए हम आपको बताते हैं।
तेल पर कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय की जांच
हाल ही में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के सोयाबीन के तेल के नुकसान के बारे में विस्तार से बात की गई है। 24 सप्ताह तक लगातार कुछ चेतावनियों को इसमें शामिल किया गया और इसके परिणाम चौकाने वाले रहे। असल में, सोयाबीन के तेल से मिले सबसे खतरनाक आंत में प्लास्टिसिन प्लांट कम हो गए और रेस्टोरेन्ट दुकानदार बढ़ गए, जो कोल्डडी और कोलाइटिस का कारण बने हैं।
इन समस्याओं का कारण बन सकता है सोयाबीन का तेल
इतना ही नहीं सोयाबीन के तेल में लिनोलिक एसिड पाया जाता है, जो हमारी सेहत के लिए जरूरी है। वैसे तो 1 से 2% लिनोलिक एसिड का सेवन हम कर सकते हैं, लेकिन सोयाबीन के तेल में सबसे ज्यादा लिनोलिक एसिड पाया जाता है, जिससे आपके माइक्रोबायोम पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि सोयाबीन के तेल खाने से मोटापा, मोटापा, ऑटिज्म, अल्जाइमर, अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
कौन सा तेल खाना सुरक्षित है
विद्वानों की राय तो सैचुरेटेड फैट से शरीर को बहुत नुकसान होता है। ऐसे में हमेशा जैतून के तेल का सेवन करना चाहिए, जिसमें सैचुरेटेड खुराक की मात्रा कम हो। जैसे- जैतून का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत चमत्कारी होता है। इसके अलावा आप सरसों के तेल का सेवन भी कर सकते हैं. लेकिन आपको किसी भी तरह के रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल किसी भी तरह से डॉक्टर के घर में नहीं करना चाहिए।
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