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मानसून में गठिया के दर्द को कैसे प्रबंधित करें: जब गर्मी अपनी सितम ढाती तो ऐसा लगता है कि बस मानसून आ गया और इससे राहत मिल जाएगी। लेकिन ये मॉनसून गठिया के शौकीन के लिए परेशानी लेकर आता है। बारिश के मौसम में जोड़ों के दर्द की भरपाई हो जाती है। नमी और बारिश के कारण लोग रुकना छोड़ देते हैं। इसलिए बारिश के मौसम में गठिया का दर्द और भी बुरा होता है। ऐसे में लेबल द्वारा बताए गए कुछ टिप्स हम आपको बता रहे हैं कि कौन से दर्द को दूर करने में आपकी मदद मिलेगी।
क्या होता है गठिया?
अर्थराइटिस अर्थात गठिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति के अधिकतर जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। आमतौर पर ये बुढ़ापा में होता है. लेकिन कई बार यह समस्या बच्चों और किशोरों में भी देखी जाती है। बता दें कि खून में बहुत अधिक मात्रा में यूरिक एसिड होने का कारण यूरिक एसिड क्रिस्टल होता है जो गठिया का कारण बन सकता है।मोनासून में जोइंट प्रभावित होने का कारण हाई ह्यूमिडिटी है। इस दौरान अधिक मोइश्चर लेवल होने से रक्त वाहिका में अधिक दबाव होता है। जिससे खून होना प्रतीत होता है। नाम वाले मौसम में पानी की मात्रा कम होने से जोड़ों के आस-पास के जोड़ों में पानी की मात्रा बढ़ जाती है
मॉनसून में गठिया के दर्द को कैसे समझें
1.अर्थराइटिस को ठीक करने के लिए आपका लक्ष्य करना बहुत जरूरी है। ऐसे में अगर आप गोल-गोल घूमने के लिए बाहर नहीं जा सकते हैं तो घर में ही छिपकली गिरवी रखते हैं। जोड़ों में फ्लैक्सिबिलिटी आ गई और स्टीफन कम हो गए। असल में जब आप ये तय करते हैं तो इससे ब्लड सरकलाइन ठीक हो जाती है जो अर्थराइटिस के दर्द से आपको राहत देती है। सूजन से भी आपको पता चलता है.
2.जिन लोगों को अर्थराइटिस होता है, उन्हें अपना डॉक्टर मेंटेन कराना भी जरूरी है। नहीं तो जोड़ों का दर्द और भी ज्यादा बढ़ जाता है। मॉनसून में पशुधन को बनाए रखना और भी जरूरी है। ऐसे में आप या आपके घर में कोई अर्थराइटिस से पीड़ित है तो आहार का सेवन करें। अपने उत्पादों में शामिल करें, वेजिटेबल, लीन प्रोटीन, अनाज को जरूर शामिल करें।
3.मिथक के सीज़न में आर्थर के मसाले को और भी खराब किया जा सकता है। कमजोरी के दौरान आपके जोड़ों को गंदगी होने से जरूर बचाएं। अगर आप बाहर जाते हैं तो दोस्ती निभाने की कोशिश करें, रेनकोट बोरा। लंबे समय तक मोइश्चर वाले क्षेत्र में स्थिरता या होने से बचे।
4.गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए हॉट थेरेपी ले सकते हैं। यह जोड़ों को आराम देने और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। इसके लिए आप हॉट बैग, स्केलेट पैड का उपयोग कर सकते हैं। इससे आप प्रभावित जोड़ों पर 15 से 20 मिनट तक सिकाई कर सकते हैं।
5.अगर आप पहले से ही किसी गठिया रोगी और डॉक्टर के पास गए हों, तो उन शोधकर्ताओं को जरूर बताएं। अगर फिर भी आपको दर्द में आराम नहीं है तो आप डॉक्टर से सलाह लें।
6.गठिया के रोगी को पानी का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। कम से कम 8 किलोलीटर पानी जरूरी है जिससे दर्द से राहत मिलती है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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