Spread the love

[ad_1]

बीरबल के किस्से हिंदी में: हम सभी के साथ अक्सर ऐसा होता है कि, जब कोई काम करता है या हम बीमार पड़ जाते हैं तो हम किसी दूसरे को मना लेते हैं और कहते हैं कि अमुक व्यक्ति हमारे लिए मनहूस है, जिसके कारण से हमारा काम मिला है। .

बीरबल के किस्से (बीरबल के किस्से) में आज आपको बीरबल की चतुराई के बारे में बताया गया है और साथ में यह भी सिखाया गया है कि कोई भी इंसान मनहूस नहीं होता, बल्कि सबसे बड़ा मनहूस व्यक्तित्व खुद ही होता है। है.

बीरबल के किस्से: सबसे बड़ा मनहूस कौन

एक बार बादशाह अकबर को बहुत प्यास लगी थी। उन्होंने अपने सेवकों को पानी लाने का आदेश दिया। लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन सका. उसी समय अकबर के कमरे के पास से कूड़ा साफ करने वाला एक नौकर गुजर रहा था। उसने देखा कि अकबर को बहुत प्यास लगी है और उसके आसपास कोई नौकर भी नहीं है। इसलिए वह खुद ही उनके लिए पानी ले आया। अकबर को बहुत जोरों की प्यास लगी थी, इसलिए उसने तुरंत पानी पीकर अपनी प्यास बुझाई। जब अकबर की नजर उस उठाने वाले नौकर पर पड़ी तो वह चौंक गया।

अकबर का प्यार नौकराना नौकर को भारी पड़ गया

तीसरे में अकबर के कुछ खास नौकर कमरे तक पहुंच गए और सामान उठाने वाले को तुरंत कमरे से बाहर निकाल दिया गया। अकबर भी पानी पीकर सो गए. लेकिन कुछ देर बाद अकबर का पेट खराब हो गया और दिन ढलते-ढलते तबियत की सबसे ज्यादा पुष्टि हुई।

अकबर की ताबियत में सुधार के लिए बड़े-से-बड़ा हकीम को बुलाया गया। लेकिन कोई दवा काम नहीं आई और बेहोशी की हालत हो गई। तब राज वैद्य ने अकबर को किसी ज्योतिष बुलवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि, जहाँपनाह! हो सकता है कि आपने किसी मनहूस व्यक्ति का साया पढ़ा हो। इसलिए आपकी तबियत ठीक नहीं हो रही है. अकबर ने भी राज वैद्य की बात कही और उसके बाद दरबार में ज्योतिष का ऑर्डर दिया।

इस बीच अकबर भी फोटोग्राफर लगे कि, कहीं सच में तो किसी भी मनहूस व्यक्ति की परछाई नहीं पढ़ी गई। मैं तो आज साफ-सफाई करने वाले व्यक्ति के द्वारा लाया गया पानी पिया था। इसके बाद अकबर ने तुरंत कहा कि कचरा साफ़ करने वाले को सज़ा ए मौत सुना दी गई और शोकसभा ने उसे जेल में डाल दिया।

बीरबल ने चतुराई से नौकर की जान बचाई

कुछ समय बाद इन सारी बातों का पता बीरबल को चला और उन्होंने उस बकवास साफ करने वाले के पास जाकर कहा, तुम चिंता मत करो मैं किसी-न-किसी तरकीब से डरकर बचा लूंगा। इसके बाद बीरबल अकबर के पास गए और पूछा- आपको क्या हुआ? कैसे बीमार पड़ गए?

अकबर ने कहा, बीरबल एक मनहूस इंसान की छाया पर चढ़ गया और मैं बीमार हो गया। यह रिपोर्ट ही बीरबल जोर-जोर हंसने लगे। बीरबल को हंसता देख अकबर ने कहा, तुम मेरी बीमारी पर हंस रहे हो। बीरबल ने कहा, नहीं-नहीं बादशाह, मैं तो बस ये कह रहा हूं कि, अगर मैं तुम्हारे पास उस लिफ्ट वाले से भी बड़ा मनहूस इंसान ले आऊं तो क्या तुम उसकी सजा माफ कर दोगे। अकबर ने कहा, इससे भी बड़ा मनहूस कोई हो सकता है क्या? चलो, तुम किसी बड़े मनहूस को ले आओ तो मैं उसकी सजा माफ कर दूंगा।

जब बीरबल ने अकबर को मनहूस कहा

बीरबल ने उत्तर दिया कि, बड़े मनहूस तो आप ही हैं। उस आवेदक लग्रे नौकर ने आपके लिए आपके निवास स्थान पर पानी डाला और आपको बताया गया कि उसकी छायाचित्र से आपकी टैब जारी की गई है। वह चित्ररे के बारे में तो सोचिए। वो तो आखिरीरा आपको पानी पिलाने की वजह से जेल में पहुंच गया। उसके लिए तो आप सबसे बड़े मनहूस हुए, जिसे सुबह-सुबह देखने के कारण और मदद करने के कारण उसका जीवन बर्बाद हो गया और अब कुछ देर में उसे मौत की सजा दी जाएगी। ऐसे में आप ही बताइए कि, तबियत खराब होना बड़ी सजा है या मौत की सजा।

बीरबल की ऐसी बुद्धिमता की बातें सुनकर बीमार पड़े अकबर भी जोर-जोर से हंसने लगे और उन्होंने तुरंत सैनिकों को आदेश दिया कि, उस बकवास साफ करने वाले को जेल से रिहा करो।

ये भी पढ़ें: बीरबल के किस्से: जब शाही बाघ पकड़ने के लिए अकबर ने मांगा था हरा घोड़ा, तो बीरबल ने खिलाई ये तरकीब

अस्वीकरण: यहां चार्टर्ड सूचना सिर्फ अभ्यर्थियों और विद्वानों पर आधारित है। यहां यह जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह के सिद्धांत, जानकारी की पुष्टि नहीं होती है। किसी भी जानकारी या सिद्धांत को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

[ad_2]

Source link

Umesh Solanki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *