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सावन में मंगला गौरी व्रत 2023: सावन माह में प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। आज 11 जुलाई 2023 को सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा और पूजा की जाएगी।
इस साल सावन में अधिकमास लगा है, जिस कारण सावन दो महीने का रहेगा और इस बार सावन में कुल 9 मंगला गौरी व्रत रखेंगे। आज मंगला गौरी का दूसरा व्रत है। मंगला गौरी व्रत रखने और पूजा करने से कुंडली में मांगलिक दोष दूर हो जाता है, विवाह के योग बनते हैं, जीवन सुखमय होता है, पति की आयु लंबी होती है और पुत्र-पौत्रादि का सुख प्राप्त होता है।
किन्हें करना चाहिए मंगला गौरी का व्रत
मंगला गौरी व्रत को कुंवारी कन्याओं से लेकर सुहागिन महिलाएं भी कर सकती हैं। इस व्रत से कुंवारी कन्या को सुयोग्य वर मिलता है, वहीं सुहागिन स्त्री को सौभाग्यवती भव का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए मंगला गौरी व्रत का आशीर्वाद हर स्त्री को मिलता है और सुहागिन से लेकर कुंवारी कन्याएं भी इसे कर सकती हैं।
मंगला गौरी व्रत के नियम
- मंगला गौरी व्रत के दिन महिला को क्रोध नहीं करना चाहिए और वाणी में मधुरता बनाए रखनी चाहिए।
- सावन के महीने में मंगला गौरी व्रत किया जा सकता है। लेकिन इस व्रत को कम से कम 5 साल तक जरूर करें।
- इस बात का ध्यान रखें कि मंगला गौरी व्रत उद्यापन से पहले इसका उद्यापन जरूर करें। सावन माह के अंतिम मंगलवार को आप मंगला गौरी व्रत का उद्यापन कर सकते हैं।
- मंगला गौरी व्रत में मां गौरी को 16 श्रृंगार का सामान जरूर पहनना चाहिए।
सावन में और कितना मंगला गौरी व्रत
- दूसरा मंगला गौरी व्रत- आज 11 जुलाई
- तृतीय मंगला गौरी व्रत- 18 जुलाई (अधिकमास)
- चौथा मंगला गौरी व्रत- 25 जुलाई (अधिकमास)
- पांचवा मंगला गौरी व्रत- 1 अगस्त (अधिकमास)
- छठा मंगला गौरी व्रत- 8 अगस्त (अधिकमास)
- सातवां मंगला गौरी व्रत- 15 अगस्त (अधिकमास)
- आठवां मंगला गौरी व्रत- 22 अगस्त
- नौवां मंगला गौरी व्रत- 29 अगस्त
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