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उच्च हीमोग्लोबिन के दुष्प्रभाव: शरीर को स्वस्थ और स्थिर बनाए रखने के लिए आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की सही मात्रा का होना जरूरी है। अगर शरीर में जरूरत से ज्यादा हीमोग्लोबिन पाया जाए तो आप भी बीमार हो सकते हैं। आइये जानते हैं हीमोग्लोबिन बढ़ने के कारण से क्या नुकसान हो सकते हैं।
हीमोग्लोबिन बढ़ने से हीमोक्रोमैटोसिस की समस्या होती है
हीमोग्लोबिन रक्त में मौजूद रेड ब्लड कोशिका में एक प्रोटीन पाया जाता है। हीमोग्लोबिन के माध्यम से ही शरीर में ऑक्सीजन अलग-अलग अंगों तक पहुंचाता है। हर व्यक्ति के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा अलग-अलग होती है। यदि किसी के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाती है तो इस स्थिति को हीमोक्रोमैटोसिस कहा जाता है। बता दें कि शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 14 से 15 प्रति देसी होती है। पुरुषों में हीमोग्लोबिन की सामान्य मात्रा 15 से 16 प्रति डेसी लीटर और महिलाओं में 14 से 15 हीमोग्लोबिन होनी चाहिए। इससे कम हो तब भी नुकसान हो सकता है और इससे ज्यादा हो तब भी नुकसान हो सकता है
शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ने से हो सकती हैं ये समस्याएं
1.हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ने से आपका दिमाग ठीक से काम नहीं करता है। विचारधारा की क्षमता कम हो जाती है। आप कंफ्यूज में रहते हैं। कोई भी बात आपको बहुत देर से समझ में आती है.
2.शरीर में लगातार अधिक हीमोग्लोबिन बनने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और इससे पॉलीकैथेमिया नाम की बीमारी हो जाती है। बोन मैरो स्काई रूप से उच्च स्तर पर लाल रक्त गैस का उत्पादन करने का कारण बनता है। इसके अलावा यह प्राकृतिक रक्त को उत्पन्न कर देता है। इससे रक्त प्रवाह में देरी होती है।इससे खून के थक्के बन जाते हैं। इससे हृदय, मस्तिष्क और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
3.शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ने पर नाक और त्वचा से रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है।मसूदों से खून आने की समस्या बनी रहती है।
4.इसके कारण आपको बार-बार थकान का अनुभव हो सकता है। इस स्थिति में कोई भी काम करने से आप जल्दी थक सकते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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