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मंगलवार व्रत लाभ पूजा विधि और महत्व: हिन्दू धर्म में भगवान हनुमान को शक्ति, बल, साहस और भक्ति का देवता माना जाता है। हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-व्रत से भक्तों को सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
कहा जाता है कि भगवान हनुमान आज भी सशरीर पृथ्वी पर उपस्थित हैं। इसलिए गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक चौपाई लिखी है- ‘चारो जुग परताप प्रियजन है परमसिद्ध जगत उजियारा।’ इसका अर्थ है, सभी देवताओं में भगवान हनुमान एक ही देवता हैं, जो हर युग में किसी न किसी रूप व गुण के साथ जगत के लिए संकटमोचक उपस्थित रहते हैं।
शास्त्रों में भी मंगलवार व्रत और हनुमानजी की पूजा का महत्व और लाभ का बखान बताया गया है। मंगलवार व्रत के अनेक लाभ होते हैं। जो व्यक्ति मंगलवार के दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा करता है, उस पर हनुमान जी की विशेष कृपा रहती है। जानिए मंगलवार व्रत के लाभ, पूजा विधि के बारे में और जानें मंगलवार व्रत के बारे में।
किन्हें रखना चाहिए मंगलवार का व्रत
वैसे तो हर कोई मंगलवार का व्रत कर सकता है। इस व्रत को कम से कम 21 मंगलवार तक जरूर करें। इसके बाद व्रत का उद्यापन कर सकते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष और वृश्चिक राशि वाले लोगों को मंगलवार का व्रत जरूर करना चाहिए। क्योंकि इन राशियों के मंगल स्वामी ग्रह हैं। इसके साथ ही कर्क राशि में मंगल को नीच माना जाता है। इसलिए कर्क राशि वालों को भी मंगलवार का व्रत रखना चाहिए, इससे लाभ होगा। इन राशि के लोग अगर मंगलवार का व्रत करें तो उन्हें हनुमान जी के साथ ही मंगल देव की भी कृपा प्राप्त करनी होगी।
मंगलवार व्रत का लाभ (मंगलवार व्रत लाभ)
- मंगलवार के व्रत रखने से मंगल का नाश होता है और सभी संकट दूर हो जाते हैं।
- मंगल दोष के प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार का व्रत भी बहुत माना जाता है।
- शनि ग्रह की पीड़ा से मुक्ति के लिए मंगलवार का व्रत रखें और हनुमान जी की पूजा करें। इससे शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।
- संत मत और विवाह में आ रही बाधाएं भी मंगलवार व्रत का प्रभाव दूर हो जाता है।
- रक्त संबंधी परमाणु सिद्धांत और परमाणु ऊर्जा प्राप्त करना, खराब शक्तियों से मुक्ति पाना, संकटों के नाश के लिए मंगलवार व्रत को महत्वपूर्ण माना जाता है।
- मंगलवार के व्रत से मान-सम्मान, साहस और पुरुषार्थ में वृद्धि होती है।
मंगलवार पूजन विधि (मंगलवार पूजा विधि)
मंगलवार के दिन सुबह जल्दी स्नानघर से निवृत्त स्वप्न साफ कपड़े पहने लें। इसके बाद भगवान हनुमान का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। अब पूजाघर या किसी एकांत व सफा-सुथरे स्थान पर ईशान कोण की दिशा (उत्तर-पूर्व कोने) में हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। भगवान को चमेली का तेल पूरा लाल चोला चढ़ाएं। फिर सिन्दूर, रोली, लाल फूल, नारियल, पान का बीड़ा और अक्षत चढ़ाएं। भगवान को गुड़-चने, बेसन के लोध या बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं। हनुमान जी की पूजा में चमेली तेल का दीपक जलाएं और हाथ में फूल-अक्षत लेकर मंगलवार की व्रत कथा पढ़ें। पूजा के समापन में हनुमान जी की आरती करें।
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