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मानसून रोग: डिफॉल्ट सीजन में होने वाली बारिश वाली का लोग बेसब से इंतजार करते हैं। क्योंकि इसके कारण भीषण गर्मी का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया है। हालाँकि जैसे हर चीज़ के कुछ फायदे होते हैं तो कुछ नुकसान भी होते हैं, ठीक उसी तरह से किसी चीज़ के आने से कई नुकसान भी होते हैं। मिथक के दौरान उत्तर भारत के अधिकांश समुद्र तट में डूबान या जलजमाव की स्थिति का जन्म होता है। लोग ना चाहते हुए भी बाढ़ के पानी के संपर्क में आने को मजबूर हो जाते हैं। फिर यही पुराना पानी उन्हें तरह-तरह की शर्त से प्रभावित कर देता है।
मौसम में होने वाले बदलाव की वजह से रेस्तरां में बदलाव होता है। यही वजह है कि मच्छरों को पठने का मौका मिलता है। डिकोडिंग में चिकनगुनिया सहित कई खतरों का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं पैकेज में होने वाली शर्त से आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
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वर्गीकरण: विकसित की गई बीमारी मच्छरों के काटने वाले से मिलती जुलती है। इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। लेबल से पीड़ित व्यक्ति में अपराधी और गंभीर दोनों के एक ही तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके दस्तावेज़ों में तेज़ बुखार, पीठ दर्द, सिरदर्द, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द आदि शामिल हैं। कुछ मामलों की समीक्षा में मरीज की हालत इतनी गंभीर हो जाती है कि उसकी मौत तक हो जाती है। रेटिंग से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप मच्छरों के संपर्क में आएं। फूल बाजू के कपड़े और मच्छरों को दूर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें। अपने घर के आसपास पानी को जमा होने ना दें। घर की सफाई-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
चिकनगुनिया: चिकनगुनिया के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। ये बीमारी भी मच्छरदानी की दुकान से निकली है। इसमें बुखार, सिरदर्द, मासपेशियां और जोड़ों में दर्द आदि शामिल हैं। इससे बचने के लिए आप फूल बाजू के कपड़े धारण करें। घर के आसपास पानी जमा होने से रोकें। मच्छरों को घर में ऑटोमोबाइल से रोकें। शाम के समय दरवाजा और दरवाजा बंद रखें।
मलेरिया: मलेरिया भी एक बेकार रोग है, जो मच्छरों से फैलता है। इसके दस्तावेज़ में बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना और मसाले में दर्द शामिल हैं। मलेरिया से बचने के लिए रात के समय मच्छरदानी से बचें। फुल बाजू के खिलौने वाली नाव।
जापानी एन्सेलाइटिस: जापानी एन्सेफलाइटिस एक तरह का मस्तिष्क संक्रमण है। यह दिमाग में सूजन का कारण बनता है। जापानी एन्सेलाइटिस से पीड़ित मच्छर जब किसी इंसान को काटा जाता है तो उसे भी यह बीमारी अपनी चपेट में ले लेती है। गंभीर होने पर यह बीमारी मृत्यु का खतरा भी पैदा हो सकती है। जापानी सेफ एन्सेलाइटिस से बचने के लिए भी आपको कहीं न कहीं उपाय करने की सलाह दी जाती है, जो कि रेग्युएशन, चिकनगुनिया और मलेरियल के लिए बताए गए हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस: लेप्टोस्पायरोसिस एक नकारात्मक प्रभाव है, जो किडनी के पानी से संक्रमित होता है, मिट्टी या भोजन के संपर्क में किसी व्यक्ति से संपर्क होता है। उल्टी, सप्लीमेंट में दर्द, सिरदर्द और बुखार इसके कुछ लक्षण हैं। प्रभावित क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को कोको और मसालों का अध्ययन करना चाहिए। चोट के मूत्र के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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