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कई लोगों को ऐसा भी होता है जिनमें मीठा खाना बहुत पसंद होता है. सुबह हो या शाम वह खूब मीठा खाते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो खाने के बाद मीठा जरूर खाते हैं. यहां देखें किस तरह की लाइफस्टाइल वाले लोग बहुत ज्यादा जंक फूड खाते हैं. ऐसे में लोग काफी मीठे भी खा रहे हैं. बड़े, बच्चे हो या बुजुर्ग इसका असर हर उम्र के लोगों पर दिखाई देता है। लेकिन इस प्रश्न में यह कहा गया है कि क्या मीठा खाना स्वास्थ्य के लिए ठीक है? बार-बार मीठा खाने का मन क्या है ये मामुली बात है?
ओनली माई हेल्थ चपी खबर में कहा गया है कि अगर किसी दिन मीठा खाने का मन किया गया तो नाम की बात है लेकिन हर दिन आपको या बार-बार मीठे की क्रेविंग हो रही है तो आप इसे खाने में न लें बल्कि यह आपकी सेहत से जुड़ी हुई हो हो सकता है. आज आप देखेंगे कि कुछ लोगों को बार-बार मीठा खाने का मन क्यों होता है?
बार-बार क्रेविंग की संरचना क्या सामान्य है?
मिठाई की क्रेविंग होने का कारण
शरीर में पोषण की कमी
कुछ पोषक तत्व की कमी के कारण बार-बार मीठा खाना मन कर सकता है। जैसे-मैग्नीशियम, क्रोमियम और फास्फोरस। यह सभी ब्लड में शुगर लेवल को मापने में मदद करते हैं। आयरन की कमी के कारण बार-बार मीठा खाना बनता है।
ब्लड शुगर लेवल में कमी
ब्लड के शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होना प्रतीत होता है। इसलिए बार-बार मीठा खाना मन जाता है. अधिकतर मीठा खाने से शुगर लेवल ऊपर नीचे होने लगता है। जिस कारण बार-बार मीठा खाना मन हो सकता है।
हार्मोन हार्मोन बनाना
हार्मोन असंतुलित होने से पूरे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। किशोरावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान कई तरह के बदलाव होते हैं। ऐसे में आप मीठा खाना पसंद कर सकते हैं.
आदत बन जाना
ज्यादा मीठा खाने से दिमाग पर सीधा असर पड़ता है.
माइक्रोबायोम असंतुलित होना
बाद में पाई जाने वाली विद्वान को माइक्रोबायोम कहते हैं। और जब इसकी मात्रा पेट में बढ़ने लगती है तो माइक्रोबायोम बढ़ने से क्रेविंग होने लगती है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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