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की लाइफस्टाइल और खराब स्टाइल का सीधा असर हमारी नींद पर पड़ रहा है। कभी-कभी नींद पूरी नहीं होती तो कभी-कभी इतनी अधिक मात्रा में होती है कि इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। इन स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी सारी बातें हमें अपने आस-पास देखने को मिल रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जहां कम सोने से कई तरह की बीमारियां होती हैं वहीं ज्यादा सोने से भी हमारी सेहत खराब हो सकती है। दरअसल, इस बात का खुलासा हाल ही में एक रिसर्च के दौरान हुआ है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि जो लोग अधिक प्रभावित होते हैं उनमें अवसाद जैसी गंभीर बीमारी सबसे ज्यादा रहती है। आइए जानते हैं पूरी रिसर्च क्या कहती है.
क्या कहते हैं रिसर्च
जर्नल पीएल ओएस (पीएलओएस) में एक अध्ययन प्रकाशित किया गया है जिसमें कहा गया है कि भारी मात्रा में सोना अवसाद का कारण हो सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं अधिक सोने से सक्रियता भी कम होती है। जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कामर्स. अध्ययन के अनुसार जो व्यक्ति 9 घंटे से अधिक समय तक नींद लेता है, उसके लिए साथियों की संख्या दोगुनी होने का खतरा होता है। इन सबके अलावा सोने से मोटापा भी बढ़ता है। साफ है कि अगर आप ज्यादा सोएंगे मियामी एक्टिविटी कम बात करेंगे तो आपका वजन नियंत्रित करने में आसान है। 9 घंटे से अधिक नींद लेने से पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है।
अधिक सोने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। निम्नलिखित से नरसंहार की समस्या शुरू हो सकती है। सिर्फ मोटापा ही नहीं मोटापा, मोटापा, कब्ज, उल्टी जैसी बीमारी आपको अपने अंक में ले सकती है। अध्ययनकर्ता का कहना है कि सबसे खराब सोना लाइफस्टाइल का एक लक्षण यह है कि यह आपको अंदर से बीमार कर सकता है। अगर आप पूरे दिन एनर्जी बने रहना चाहते हैं तो टाइम से सोएं। 8-9 घंटे की पूरी नींद. आख़िरी खाना। पिछली कक्षा का जब तक आप शर्त से दूर रहें. तभी आप पूरे दिन फिट और ऊर्जावान महसूस कर पाएंगे। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सेहत और सेहत पर पूरा ध्यान दें।
अस्वीकरण: इस लेख में बताई गई विधि, तरकीबें और सलाह पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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