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Jagdeep Dhankhar On Women Reservation: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पेश किए जाने की अटकलों के बीच उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं है, जब देश में संसद और विधानसभा में महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व होगा.
राजस्थान के जयपुर में विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय की छात्राओं के साथ बातचीत के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है, “जहां तक संविधान का सवाल है, मैं चाहता हूं कि आप लड़कियां ध्यान दें कि पंचायतों और नगर पालिकाओं में के सभी चुनावों में लड़कियों और महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण मिलता है. यह आरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है. मैं आपको बता सकता हूं कि वह दिन दूर नहीं है, बल्कि बेहद करीब है कि जब भारत में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा.”
लड़का -लड़कियों के बीच फर्क नहीं
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि हम 2047 तक वैश्विक शक्ति बन जाएंगे, लेकिन अगर महिला आरक्षण जल्दी लागू हो गया तो हम 2047 से पहले ही नंबर 1 हो जाएंगे. आज समाज बदल चुका है. अब लड़का -लड़कियों के बीच फर्क नहीं करता है, बल्कि लड़कियों की तरफ झुकाव ज्यादा है. इसलिए आपका पड़ला ज्यादा भारी है.
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें महिलाएं
छात्राओं से संवाद के दौरान उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि महिलाओं के लिए आसमान ही सीमा है, वे हर क्षेत्र में सफलता के नए प्रतिमान गढ़ रही हैं. उन्होंने महिलाओं को कहा कि अपने निर्णय स्वयं लें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें.
18 सितंबर से संसद का विशेष सत्र
बता दें कि केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है. इसकी जानकारी हाल ही में संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से दी थी. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि संसद का विशेष सत्र18 से 22 सितंबर को बुलाया गया है, इसमें पांच बैठकें होंगी.
विशेष सत्र में पेश हो सकता महिला आरक्षण बिल
सूत्रों के मुताबिक नए संसद भवन में होने वाले इस विशेष सत्र में 10 से ज्यादा बिल पेश किए जा सकते हैं. इनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल शामिल हैं.
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