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विदेशी प्रजातियों से भारी नुकसान
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि विदेशी प्रजातियों (जो प्रजाति स्थानीय नहीं है और विभिन्न माध्यमों से नई जगह पहुंची है) से पृथ्वी की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालात ये हैं कि इन विदेशी प्रजातियों की वजह से दुनिया के पेड़-पौधों और जानवरों की 60 प्रतिशत प्रजातियां विलुप्ति हो चुकी हैं। यह रिपोर्ट एक अंतर सरकारी संस्था ‘इंटरगवर्नमेंटल प्लेटफॉर्म ऑन बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम सर्विसेज’ (IPBES) द्वारा प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट को ‘एसेसमेंट रिपोर्ट ऑन इनवेसिव एलियन स्पीसीज एंड देयर कंट्रोल’ नाम दिया गया है। 

दुनिया में 37 हजार विदेशी प्रजातियां मौजूद

दुनिया में अभी तक 37 हजार विदेशी प्रजातियों के बारे में पता चला है। इनमें पेड़-पौधों और जानवरों दोनों की प्रजातियां शामिल हैं। इनमें से 3500 से ज्यादा विदेशी प्रजातियां ज्यादा आक्रामक पाई गई हैं। यह रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि जैव विविधता के वैश्विक नुकसान, जीवों के शोषण, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जमीन और समुद्र के इस्तेमाल में बदलाव के लिए विदेशी प्रजातियां भी एक अहम कारक हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी प्रजातियां सदियों से दुनिया के सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही हैं लेकिन हाल के सालों में इसमें अभूतपूर्व तरीके से तेजी आई है। इसकी वजह इंसानों के बहुत ज्यादा एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करने, व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विस्तार प्रमुख कारण हैं। 

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Umesh Solanki

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