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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक
– फोटो : फेसबुक/ऋषि सुनक

विस्तार


ब्रिटिश सरकार ने एलान किया है कि वीजा शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी आगामी चार अक्तूबर से लागू हो जाएगी। इसके तहत छह महीने से कम समय के लिए ब्रिटेन जाने वाले विजिटर्स को अब वीजा शुल्क के तहत 15 जीबीपी (ग्रेट ब्रिटेन पाउंड) और छात्रों को 127 जीबीपी अतिरिक्त देने होंगे। इनमें भारतीय भी शामिल हैं। शुक्रवार को ब्रिटेन की संसद में यह विधेयक पेश किया गया। इस दौरान ब्रिटेन के गृह विभाग ने कहा कि अब बढ़ोतरी के बाद ब्रिटेन आने वाले विजिटर्स को वीजा शुल्क के रूप में 115 जीबीपी देने होंगे और छात्रों को 490 जीबीपी देने होंगे। 

इतनी हुई वीजा शुल्क में बढ़ोतरी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने जुलाई में वीजा शुल्क में बढ़ोतरी का एलान किया था। जिसमें कहा गया था कि ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) को दिए जाने वाले स्वास्थ्य कर (आईएचएस) में बढ़ोतरी होगी और इस बढ़ोतरी से देश के सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी। ऋषि सुनक ने कहा था कि वीजा शुल्क और आईएचएस में बढ़ोतरी से करीब एक बिलियन ग्रेट ब्रिटेन पाउंड मिलेंगे। ब्रिटेन के गृह विभाग ने वीजा शुल्क में 15 प्रतिशत और प्राथमिक वीजा, छात्र वीजा और सर्टिफिकेट ऑफ स्पॉन्सरशिप में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। 

बढ़े वीजा शुल्क से सरकारी कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

ब्रिटेन की अधिकतर वीजा कैटेगरी में बढ़ोतरी होगी, जिनमें हेल्थ एंड केयर वीजा भी शामिल है। साथ ही छह महीने, दो साल, पांच साल और 10 साल के विजिट वीजा के शुल्क में भी बढोतरी होगी। दरअसल ब्रिटेन की सरकार  सरकारी कर्मचारियों जैसे पुलिस, डॉक्टर और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने जा रही है। प्रधानमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी के लिए कर्ज लेने या फिर लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने से इनकार कर दिया था। उसके बाद ही वीजा शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था। अब संसद से मंजूरी के बाद इसे चार अक्तूबर से लागू कर दिया जाएगा।

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Umesh Solanki

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