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कनाडा की संसद में यूक्रेनी राष्ट्रपति
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


एक शर्मनाक घटना के तहत कनाडा की सरकार ने एक नाजी समर्थक पूर्व सैनिक को सम्मानित कर दिया। इस दौरान नाजी समर्थक को सभी सांसदों ने खड़े होकर अभिवादन भी किया। हालांकि बाद में जब यह खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति को युद्ध के नायक के तौर पर सम्मानित किया गया है, वह नाजी समर्थक रहा है तो हंगामा हो गया और सरकार को माफी मांगनी पड़ी। 

कनाडा की संसद से हुई गलती

बता दें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में कनाडा का दौरा किया। इस दौरान जेलेंस्की ने कनाडा की संसद को संबोधित भी किया। जेलेंस्की के संसद में संबोधन के दौरान द्वितीय विश्व युद्ध का हिस्सा रहे एक पूर्व सैनिक यारोस्लोव हुंका को यूक्रेनी नायक के तौर पर सम्मानित किया गया। हुंका ने यूक्रेन की तरफ से रूस के खिलाफ युद्ध लड़ा था। इस दौरान कनाडा के सभी सांसदों ने हुंका का खड़े होकर अभिवादन किया। हालांकि बाद में पता चला कि हुंका ने हिटलर की नाजी सेना में भी अपने सेवाएं दी। जैसे ही यह जानकारी सामने आई तो हंगामा हो गया। 

स्पीकर ने मांगी माफी

फ्रेंड्स ऑफ साइमन वीजेंथल सेंटर ने रविवार को एक बयान जारी कहा कि ‘जब दुनिया में यहूदी विरोध बढ़ रहा है और होलोकास्ट को मोड़-तरोड़ के पेश किया जाता है, ऐसे में यह बेहद पीड़ादायक है कि कनाडा की संसद में नाजी सेना की एक डिवीजन में सेवा दे चुके एक सदस्य को सम्मानित किया गया। यह डिवीजन यहूदियों और अन्य की हत्याओं के लिए जिम्मेदार थी।’ आलोचनाओं के चलते कनाडा की संसद के स्पीकर ने रविवार को घटना पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मैं ये साफ करना चाहता हूं कि कोई भी सांसद या यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल इस बात से वाकिफ नहीं था। स्पीकर ने यहूदी  समुदाय से भी विशेष तौर पर माफी मांगी। 

ये भी पढ़ें- Canada: अपने ही देश में फिर घिरे जस्टिन ट्रूडो, विपक्षी नेता ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- माफी मांगे पीएम

विपक्ष ने सरकार को घेरा

वहीं इस घटना को लेकर विपक्ष ने कनाडा की सरकार को घेर लिया है। कनाडा के विपक्षी नेता पिएरे पोलिवरे ने पीएम जस्टिन ट्रूडो से माफी की मांग की है। पिएरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि ‘हाउस ऑफ कॉमन्स में बुलाए जाने और सम्मानित किए जाने से पहले क्या किसी भी सांसद को इस व्यक्ति के अतीत की जांच करने का मौका नहीं मिला? इसके लिए जस्टिन ट्रूडो को व्यक्तिगत रूप से माफी मांगनी चाहिए और दूसरों पर इसका दोष मढ़ने से बचना चाहिए, जैसा कि वह हमेशा करते हैं।’ 

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Umesh Solanki

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