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प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : iStock
विस्तार
ओडिशा के एक सरकारी अस्पताल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। अस्पताल का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट से सामने आया है कि बच्चे की अदला-बदला नहीं हुई है। दरअसल, अस्पताल पर एक युवक ने आरोप लगाए थे कि अस्पताल प्रशासन ने उनके बेटे को किसी बच्ची के साथ बदल दिया है, जिसका अस्पताल प्रशासन ने आज खंडन किया है।
इसी सप्ताह लिए गए जांच के सैंपल
कैपिटल अस्पताल के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि प्राणकृष्ण बिस्वाल के आरोपों के बाद सोमवार को उनकी बच्ची और उनकी पत्नी के खून के सैंपल्स लिए गए। दोनों सैंपल्स की डीएनए टेस्टिंग कराई गई, जिसके बाद सामने आया कि बिस्वाल की पत्नी का सैंपल बच्ची से मेल खाता है। डीएनए सैंपल्स की रिपोर्ट से पता चलता है कि अदला-बदली नहीं हुई है, बच्ची बिस्वाल की ही है।
आरोपी को किया निलंबित
बता दें, ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के रहने वाले प्राणकृष्ण ने 26 सितंबर को अस्पताल के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। बिस्वाल ने कहा था कि 25 सितंबर को उनकी पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया था, जिसे बाद में एक बच्ची से बदल दिया गया था। अस्पताल के अधिकारी का कहना है कि हमने डीएनए जांच के बाद एक आंतरिक जांच भी की कि आखिर बिस्वाल को किसने बताया कि उन्हें बेटा हुआ है। जांच में पता चला कि परिचारिका ने गलती से परिवार को गलत जानकारी दे दी थी, जिसे अब हटा दिया गया है। बिस्वाल ने जांच रिपोर्ट के बाद लड़की को अपनी बेटी के रूप में स्वीकार कर लिया है।
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