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US expels two Russian Embassy officials: अमेरिका ने रूसी दूतावास के दो अधिकारी को देश छोड़ने का आदेश दिया है. इस फैसले को दोनों देशों के बीच रिश्तों की गिरावट के सबसे निचले स्तर पर जाने के तौर पर देखा जा रहा है. 

गौरतलब है कि अमेरिका का ये फैसला तब आया जब पिछले महीने रूस ने मॉस्को से दो अमेरिकी अधिकारियों को देश छोड़ने के लिए कहा था. रूस का आरोप था कि दोनों अधिकारी एक पूर्व कांसुलर कर्मचारी के साथ संपर्क में थे, जिस पर संवेदनशील जानकारी जुटाने का आरोप था. हालांकि अमेरिकी ने इन आरोपों से किनारा कर लिया था और इसे बेबुनियाद बताया था. 

‘जैसे को तैसा’ स्टाइल में अमेरिका का जवाब

रूस के फैसले के बाद अमेरिका ने भी अब रूसी अधिकारियों को देश छोड़ने के लिए सात दिन की मोहलत दी है. इतनी ही समय रूस ने अमेरिकी अधिकारी जेफरी सिलिन और डेविड बर्नस्टीन को दिया था. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक बयान में कहा, “विदेश विभाग रूसी सरकार की ओर से हमारे राजनयिकों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगा.”

अमेरिका-रूस संबंध

अमेरिका-रूस रिश्ते के इतिहास तल्खियों से भरे रहे हैं. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच लंबे समय तक शीत युद्ध चला. रूस और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़ी महाशक्ति है. दोनों देशों के स्पेस रिसर्च, परमाणु सुरक्षा और अप्रसार, आतंकवाद-निरोध के अपने साझा हित है. यूक्रेन युद्ध के बाद से दोनों देश के आपसी संबंध, व्यापार निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. 

रिश्ते का भविष्य

विल्सन सेंटर के मुताबिक, जब यूक्रेन युद्ध खत्म हो जाएगा तब दोनों देश तनाव को भूलाकर एक साथ काम कर सकते हैं, युद्ध की वजह से रूस के साथ अमेरिका के रिश्ते ठंडे बस्ते में है. क्योंकि दोनों के हित साझा हैं, इसलिए दोनों देश चाहेंगे की आपसी मतभेद को जल्द से जल्द भूलाया जाए. 

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Umesh Solanki

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