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Ex Navy Employee Case: दिल्ली पुलिस एक बेहद चौंकाने वाले हत्या के मामले की गुत्थी सुलझा रही है. इस कड़ी में दबोचा गया आरोपी नौसेना का पूर्व कर्मचारी है, जिसे पहले मरा हुआ घोषित किया जा चुका था. आरोपी कई वर्षों से अपनी पहचान बदलकर दिल्ली में रह रहा था. हत्या के अलावा आरोपी पर चोरी का भी आरोप है.

फरार चल रहे मरा घोषित आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करीब 20 साल बाद गिरफ्तार कर सकी. आरोपी का नाम 2004 के हत्या के एक मामले में शामिल है और उस पर चोरी का एक मामला है.

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का नाम बालेश कुमार है जो कि हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है. 2004 में उसे मरा हुआ घोषित किया गया था.

कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे?

क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी बवाना में हुई हत्या और तिलक मार्ग में हुई चोरी का आरोपी बालेश दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में अमन सिंह नाम से रह रहा है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और बालेश कुमार को नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया. 

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने क्या बताया?

पुलिस की पूछताछ में आरोपी बालेश कुमार ने बताया कि 2004 में शराब के नशे में उसने अपने भाई सुंदर लाल के साथ मिलकर राजेश नाम के एक शख्स की हत्या कर दी थी और शव को बवाना इलाके में ठिकाने लगा दिया था. हत्या के इस मामले में बालेश के भाई को गिरफ्तार किया गया था लेकिन बालेश आज तक नही पकड़ा गया था.

किस बात पर हुई थी शख्स की हत्या?

पुलिस के मुताबिक, वारदात के दिन आरोपी बालेश कुमार अपने भाई सुंदर लाल और राजेश के साथ शराब पी रहा था. उसी दौरान राजेश की पत्नी के साथ बालेश कुमार के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और उनके बीच पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा हो गया. आरोपी बालेश कुमार और सुंदर लाल ने राजेश की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को थाना बवाना, दिल्ली के इलाके में फेंक दिया. 

कैसे हुआ था आरोपी मरा हुआ घोषित?

क्राइम ब्रांच की पूछताछ के दौरान बालेश ने खुलासा किया कि उसने जोधपुर में अपने ट्रक में आग लगा दी थी और उसे आग में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से एक को बलेश कुमार के रूप में घोषित किया गया था. इतना ही नही, जांच में यह भी सामने आया कि बालेश कुमार ने अपनी पत्नी को अपना बीमा का भी लाभ दिलवाया था. 

फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाकर बदल ली पहचान

जांच में यह भी सामने आया कि बालेश ने अपनी नई पहचान नजफगढ़ के रोशन गार्डन निवासी अमन सिंह के रूप में बनवाई और फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करवाकर बैंक ऑफ इंडिया में अपना बैंक खाता खुलवा लिया. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

यह भी पढ़ें- Delhi Excise Policy: ‘रिश्वत अपराध से आय का हिस्सा नहीं तो मनीष सिसोदिया के खिलाफ…’, जमानत याचिका पर SC की अहम टिप्पणी

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Umesh Solanki

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