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जो बाइडन
– फोटो : Social media
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ओवल ऑफिस से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि हमास और रूस दोनों लोकतंत्र को नष्ट करने पर तुले हैं। साथ ही उन्होंने यूक्रेन और इस्राइल को अमेरिका के हितों के लिए महत्वपूर्ण बताया और दोनों देशों को सहायता देने पर बात की। बाइडन ने कहा, हमास और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अलग-अलग खतरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उनकी मंशा एक जैसी है- दोनों अपने पड़ोसी लोकतंत्र को पूरी तरह से नष्ट करना चाहते हैं।
टेलीविजन पर अपने संबोधन में बाइडन ने कहा कि अमेरिका एक महान राष्ट्र के रूप में अपनी जिम्मेदारी के तौर पर इस तरफ के पक्षपातपूर्ण हिंसक राजनीति को बढ़ने नहीं दे सकता है। हम हमास जैसे आतंकवादियों और पुतिन जैसे तानाशाहों को जीतने नहीं दे सकते और न ही ऐसा होने देंगे।
#WATCH | US President Joe Biden says “…Iran is supporting Russia’s in Ukraine, and it’s supporting Hamas and other terrorist groups in the region and will continue to hold them accountable, I might add. The United States and our partners across the region are working to build a… pic.twitter.com/qniDnX0ZZc
— ANI (@ANI) October 20, 2023
इस्राइल-हमास युद्ध को लेकर बाइडन ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनके लिए आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए अमेरिकियों की सुरक्षा से बढ़कर कोई प्राथमिकता नहीं है। इस्राइल में उन्होंने ऐसे लोगों को देखा, जो सदमे और गहरे दर्द के साथ-साथ गुस्से में भी हैं। उन्होंने कहा, मैंने फलस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति अब्बास से भी बात की और दोहराया कि अमेरिका फलस्तीनी लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि अन्य लोगों की तरह वह फलस्तीनी नागरिकों की मौत से दुखी हैं। खासकर गाजा के अस्पताल में विस्फोट से हुई दुखद मौतों से, जिसमें इस्राइल का हाथ नहीं है। हमें हर निर्दोष की मौत पर दुख होता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान यूक्रेन में रूस का समर्थन कर रहा है। साथ ही मध्य पूर्व क्षेत्र में हमास और अन्य आतंकवादी समूहों को ईरान का समर्थन हासिल है। इसलिए उसे जवाबदेह ठहराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और क्षेत्र में हमारे साझेदार देश मध्य पूर्व के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं। ताकि मध्य पूर्व अधिक स्थिर हो सके और अपने पड़ोसियों से बेहतर तरीके से जुड़े। भारत-मध्य पूर्व-यूरोप रेल कॉरिडोर जैसी नवीन परियोजनाओं के माध्यम से इस दिशा में काम कर रहा हो।
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