Spread the love

[ad_1]

Allegations Of Bribery Against Mahua Moitra: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप वाले मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा है कि उनकी पार्टी इस बारे में कोई जवाब नहीं दे सकती है. 

न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कुणाल घोष ने कहा, ”…कोई कमेंट नहीं… इस मुद्दे पर टीएमसी कुछ नहीं कहेगी, इसका जवाब संबंधित व्यक्ति दे सकता है, टीएमसी पार्टी नहीं.” इसी के साथ उन्होंने कहा, ”हम मामले पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं.”

महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी आक्रामक

बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगाए हैं. बीजेपी लगातार इस मामले को लेकर आक्रामक है और कह रही है कि या तो टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को अपनी संसद सदस्यता छोड़ देनी चाहिए या टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि मोइत्रा के खिलाफ आरोप ‘संसदीय प्रणाली को पूरी तरह से संकट में डालने’ की ओर इशारा करते हैं. वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मामले के घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का ध्यान आकर्षित करने की मांग की है और जोर देकर कहा है कि ‘इस पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है.’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मोइत्रा के खिलाफ दुबे की शिकायत को आचार समिति के पास भेज दिया है.

निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर क्या आरोप लगाया है?

निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि उद्योगपति गौतम अडानी और उनके समूह पर निशाना साधने वाले सवाल पूछने के लिए मोइत्रा ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रकम ली थी. लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में निशिकांत दुबे ने दावा किया कि हाल तक लोकसभा में मोइत्रा की ओर से पूछे गए 61 प्रश्नों में से 50 अडानी समूह पर केंद्रित थे.

कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने क्या कहा?

मोइत्रा खासकर ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की एक रिपोर्ट के बाद अडानी समूह पर अक्सर कदाचार का आरोप लगाती रही हैं. वहीं, संसद की आचार समिति को भेजे गए एक हस्ताक्षरित हलफनामे में हीरानंदानी ने स्वीकार किया कि उन्होंने अडानी पर निशाना साधने वाले सवाल पूछने के लिए महुआ मोइत्रा के संसदीय लॉगिन का इस्तेमाल किया था.

महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट में दायर की है याचिका

पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद मोइत्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर निशिकांत दुबे, वकील देहाद्रई, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’, सर्च इंजन गूगल, यूट्यूब और 15 मीडिया संस्थानों को उनके खिलाफ अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण बयानों के प्रकाशन, प्रसारण से स्थायी रूप से रोके जाने का अनुरोध किया है. अपनी याचिका में मोइत्रा ने आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि ये (आरोप) उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार किए गए. 

हाई कोर्ट ने दशहरा अवकाश के बाद अदालत के फिर से खुलने पर मामले को 31 अक्टूबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया. टीएमसी ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

यह भी पढ़ें- ममता के विरोध से टिकट कटा, फासीवाद पर बोलकर सुर्खियों में आई; फायरब्रांड महुआ मोइत्रा की 5 कहानियां



[ad_2]

Source link

Umesh Solanki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *