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अमेरिकी पुलिस
– फोटो : ANI
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अमेरिका के अलग-अलग इलाकों में हुई गोलीबारी को लेकर अमेरिकी सेना ने बड़ा खुलासा किया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने ही धमकियों के बारे में मेन पुलिस को आगाह किया था। हमने बताया था कि राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार होने वाला है।
हथियार प्रशिक्षक ने खतरे का अंदेशा जताया था
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो अमेरिकी कानून प्रवर्तन प्रमुखों ने बताया कि रॉबर्ड कार्ड की तलाश के लिए सिंतबर के मध्य में राज्य स्तरीय अलर्ट जारी किया गया था। जब कार्ड के हथियार प्रशिक्षक ने खतरे का अंदेशा जताया था। मेंस में गश्त बढ़ाई गई और उसके घर का भी दौरा किया गया। बावजूद इसके कार्ड का कोई सुराग नहीं मिला। सैको के पुलिस प्रमुख जैक क्लेमेंट्स ने बताया कि करीब दो सप्ताह तक अतिरिक्त गश्त की गई थी लेकिन कार्ड नहीं मिला।
जो बाइडन ने जताया दुख
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने घटना पर दुख जताया है। बाइडन ने ट्वीट कर कानून प्रवर्तन अधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने चौबीस घंटे काम कर और संदिग्ध को ढूंढ निकाला इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। लेविस्टन और आसपास के समुदाय अब सुरक्षित हैं।
यह है पूरा मामला, हमलावर का मिला शव
अमेरिका के मेन (Maine) राज्य के लेविस्टन शहर में बुधवार देर रात सामूहिक गोलीबारी हुई थी, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। हमले में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद हमलावर फरार हो गया था। हालांकि, शनिवार को उसका शव जंगलों से बरामद कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार्ड का शव लेविस्टन से करीब आठ मील दूर जंगल में मिला था। शव एक रीसाइक्लिंग सेंटर के पास पाया गया, जहां से उसे हाल ही में निकाल दिया गया था। पुलिस को शक है कि आरोपी ने इस घटना को अंजाम देने के बाद खुदको गोली मारी है।
मरने वाले पीड़ितों की हुई पहचान
वहीं, घटना के दो दिन बाद शुक्रवार को अधिकारियों ने गोलीबारी की घटना में मारे गए लोगों की पहचान की, जिनमें 70 साल के दंपत्ति से लेकर 14 साल का एक बच्चा तक शामिल है। गोलीबारी की घटना ने दक्षिणी मेन के इस शहर में खौफ पैदा कर दिया।
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