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पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : सोशल मीडिया
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पाकिस्तान में आम चुनाव की तारीखों को लेकर संशय खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, भगवान ने चाहा तो 8 फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव होंगे। चुनाव आयोग और राष्ट्रपति अल्वी की तारीख पर सहमति के बाद पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने यह बयान दिया है।
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा शुक्रवार को 8 फरवरी को आम चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करने और इसे सुप्रीम कोर्ट में सौंपने के बाद मुख्य न्यायाधीश ईसा ने ये टिप्पणी की। मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रपति अल्वी से मुलाकात की और बाद में राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, आम चुनाव 8 फरवरी को होंगे। यह घटनाक्रम चुनाव आयोग के वकील द्वारा शीर्ष अदालत को बताए जाने के कुछ घंटों बाद आया। शुक्रवार को पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) मंसूर उस्मान अवान ने मुख्य न्यायाधीश ईसा, न्यायमूर्ति अतहर मिनल्लाह और न्यायमूर्ति अमीन-उद-दीन खान की तीन सदस्यीय पीठ को ईसीपी की चुनाव अधिसूचना सौंपी।
तीन न्यायाधीशों की पीठ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी समेत अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मुख्य न्यायाधीश ईसा ने कहा, पाकिस्तान के लोग चुनाव के हकदार हैं और उम्मीद जताई कि सभी संस्थाएं चुनाव कराने में अपनी संवैधानिक भूमिका निभाएंगी। ईसीपी से तैयारी पूरी करने के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी करने का आग्रह किया।
शीर्ष न्यायाधीश ने यह भी कहा, चुनाव की तारीख न देकर देश को चिंता में डाल दिया गया। उन्होंने कहा, ‘ऐसी भी आशंका थी कि चुनाव होंगे ही नहीं। सीजेपी ने कहा, कानून और संविधान के मुताबिक, चुनाव की तारीख तय करने में सुप्रीम कोर्ट की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि राष्ट्रपति ने इस मामले पर अदालत से मार्गदर्शन लेने का सुझाव दिया है।
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