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Narendra Modi, Ebrahim Raisi
– फोटो : Social Media
विस्तार
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के साथ सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने इस्राइल हमास संघर्ष पर बात की। बता दें, इस्राइल और हमास के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है, जिसमें अब तक 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत से दुनिया को अपेक्षा
मीडिया के अनुसार, रायसी ने भारत के संघर्ष को याद किया। दोनों नेताओं की बातचीत के बाद ईरान ने बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि आज भारत से अपेक्षा की जाती है कि वह गाजा के पीड़ित लोगों के खिलाफ जारी हमलों को समाप्त करने के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग करेगा। तेहरान युद्धविराम, गाजा के लोगों को सहायता प्रदान करने और नाकाबंदी हटाने का समर्थन करता है। फलस्तीनी लोगों की हत्या जारी है, जिसमे इसके कई क्षेत्रीय परिणाम सामने आएंगे।
बयान में आगे कहा गया कि गाजा में निर्दोष महिलाओं और बच्चों की हत्या हो रही है। अस्पताल-स्कूलों, मस्जिद और चर्चों को निशाना बनाया जा रहा है। आवासीय इलाकों में हमला हो रहा है। यह निंदनीय है और अस्वीकार्य है। सभी देशों को फलस्तीनी लोगों का समर्थन करना चाहिए। रायसी ने कहा कि हमें इस मुद्दे पर योजना बनाने की आवश्यकता है।
अब जानिए, बातचीत के बाद क्या बोले पीएम मोदी
बातचीत के बाद, पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि ईरान के राष्ट्रपति से बात की। इस दौरान पश्चिम एशिया में कठिन हालात और इस्राइल-हमास संघर्ष पर विस्तार से चर्चा हुई। आतंकवादी घटनाएं, हिंसा और नागरिकों की जान का नुकसान गंभीर चिंता का विषय है। तनाव बढ़ने से रोकना, निरंतर मानवीय सहायता सुनिश्चित करना और शांति, स्थिरता की शीघ्र बहाली इस वक्त सबसे अहम है। हमने चाबहार बंदरगाह सहित हमारे द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति का स्वागत किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति रईसी के सामने इस्राइल-फलस्तीन मुद्दे पर भारत के दीर्घकालिक और सतत रुख को दोहराया। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति रईसी ने ताजा स्थिति के बारे में अपना आकलन पीएम के साथ साझा किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की।
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