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बिहार आरक्षण विधेयक
– फोटो : amar ujala

विस्तार


बिहार में जातिगत आरक्षण बढ़ाने वाला विधेयक शुक्रवार को विधान परिषद से भी पारित हो गया। इससे पहले गुरुवार को इसे विधानसभा से पारित कराया गया था। इससे राज्य में जातिगत आरक्षण की सीमा को 50% से बढ़कर 65% हो जाएगी। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार के इस कदम से राज्य में कुल आरक्षण 60% से बढ़कर 75 हो जाएगा। इसमें आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण पहले से ही लागू है।  

ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या इस आरक्षण विधेयक से सुप्रीम कोर्ट की 50% वाली सीमा का क्या होगा? आखिर क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जिससे 50% जातिगत आरक्षण की सीमा तय की गई थी? अभी बिहार में आरक्षण को लेकर क्या हो रहा है? क्या बिहार आरक्षण विधेयक को कानूनी चुनौती मिलेगी? आइये जानते हैं…

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Umesh Solanki

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