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ज्वेलरी शॉप पर आभूषण देखतीं महिलाएं
– फोटो : अमर उजाला

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धनतेरस पर प्रदेश के बाजारों में ग्राहकों के उमड़े सैलाब ने कारोबारियों का चेहरा चमका दिया। कार, दोपहिया, रीयल इस्टेट, सराफा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में खरीदारी के रिकॉर्ड टूटे। पिछले साल की तुलना में औसतन 22 फीसदी की तेजी बाजारों में देखी गई। कोरोना का असर पूरी तरह खत्म हो गया और बाजार पटरी पर लौटता दिखा। धनतेरस पर इन पांच सेक्टरों पर लक्ष्मी जमकर मेहरबान हुईं और करीब 17 हजार करोड़ रुपये की धनवर्षा इन पांच सेक्टरों पर कर दी।

ऑटो सेक्टर पर सेमी कंडकटर की कमी का साया छंट गया है। कोरोना के बाद सेमी कंडक्टरों की कमी के कारण बुकिंग के बावजूद डिलीवरी न दे पाने से मायूस ऑटो डीलरों के लिए यह दिवाली खुशियां लेकर आई। ऑटो डीलर्स एसोसिएशनों के मुताबिक लगभग सभी मॉडल मांग की तुलना में उपलब्ध हैं। इसका असर बाजार में साफ दिखाई दिया। त्योहारी सीजन में लगभग 4,100 कारें शोरूमों से निकलीं। लगभग 3,200 करोड़ रुपये की बिक्री अकेले कार बाजार में हुई। इसमें बड़ी संख्या में कारों की डिलीवरी छोटी और बड़ी दिवाली में भी की जाएगी।

दो पहिया वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों ने सहालग जैसा माहौल पैदा कर दिया। इन दस दिनों में लगभग 9,000 ई वाहन बिके जबकि डीजल वाहनों की करीब 8,000 रही। धनतेरस पर लगभग 72,000 दोपहिया वाहन सड़कों पर उतरे। इनमें से करीब 18 हजार वाहनों की डिलीवरी अगले दो दिनों में होगी। वाहनों की बिक्री के मामले में पहले नंबर पर लखनऊ और दूसरे नंबर पर कानपुर रहा। कुल 720 करोड़ रुपये के दोपहिया वाहन बिके। केवल नवंबर के दस दिनों में पूरे प्रदेश में बिके वाहनों की बात करें तो इस अवधि में लगभग एक लाख वाहन सभी श्रेणियों के बिके।

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Umesh Solanki

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