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भोपाल गैस कांड पर आधारित अभिनेता आर माधवन की वेब सीरीज ‘द रेलवे मेन’ की कहानी चार रेल कर्मियों के साहस की कहानी है जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर गैस कांड में फंसे लोगों को बचाया था। इस सीरीज में आर माधवन के अलावा इरफान खान के बेटे बाबिल खान, दिव्येंदु शर्मा और के के मेनन की मुख्य भूमिकाएं हैं। यशराज फिल्म्स की इस सीरीज का निर्देशन शिव रवैल ने किया है। यह आर माधवन की यह तीसरी वेब सीरीज है। आर माधवन का मानना है कि वह ओटीटी प्लेटफॉर्म की क्षमता को अच्छी तरह से समझ गए हैं इसलिए जब अच्छी सीरीज में काम करने का मौका मिलता है तो उसमें काम करने का मौका नहीं गंवाना चाहते हैं। यह सीरीज 18 नवम्बर को ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है।
अभिनेता आर माधवन ने ओटीटी पर अभिनय की शुरुआत अमेजन प्राइम वीडियो की सीरीज ‘ब्रीद’ से की। इस सीरीज में आर माधवन ने एक ऐसे पिता की भूमिका निभाई थी जो अपने बच्चे की जान बचाने के लिए खूनी बन जाता है। आर माधवन मानते हैं कि यह भूमिका भले ही निगेटिव थी, लेकिन एक पिता के जरिए से देखे तो उसने जो भी किया सही किया। जब बेटा जिंदगी और मौत की जंग से जूझ रहा हो तो एक पिता सिर्फ यही सोचता है कि बेटे की जान कैसे बचाई जाए। इस सीरीज के माध्यम से कहीं ना कहीं इस बात पर प्रकाश डाला गया था कि अपनों को बचाने का केवल एक रूल होता है कि कोई ब्लडी रूल नहीं होता।
इस किरदार को आर माधवन ने बहुत ही सहज तरीके से निभाया था और इस किरदार में उनकी काफी प्रशांश हुई थी। आर माधवन कहते हैं, ‘जब इस सीरीज का ऑफर आया था तो इसकी कहानी सुनकर मैं काफी आश्चर्यचकित था। काफी लंबे समय से ओटीटी पर डेब्यू करने की सोच रहा था और मुझे लगा कि यह सही मौका होगा।’
वेब सीरीज ‘ब्रीद’ के बाद आर माधवन की दूसरी वेब सीरीज रही ‘डीकपल्ड’। पति पत्नी के रिश्ते पर आधरित इस सीरीज में पति-पत्नी के रिश्तों पर नजर डाली गई कि कई बार पति पत्नी के बीच तनाव की वजह से बातचीत कम, झगड़े ज्यादा होते हैं । समय रहते रिश्तों को न संभाल जाए तो तलाक की नौबत तक आ जाती है । पति-पत्नी के इसी रिश्ते पर ‘डीकपल्ड’ की कहानी आधारित थी जो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई थी।
इस सीरीज में आर माधवन ने लेखक आर्या की भूमिका निभाई थी। माधवन की पत्नी की भूमिका सुरवीन चावला ने निभाई थी जो एक वेंचर कैपिटलिस्ट है. दोनों का रिश्ता टूटने की कगार पर है लेकिन अपनी संतान की वजह से दोनो एक छत के नीचे रहते हैं। आर्या की हरकतों और आदतों से उनकी पत्नी तंग आ चुकी है। बात में कमियां निकालना, हर चीज को आलोचनात्मक नजरिए से देखना, बिना किसी की परवाह किए हर मामले में अपनी राय रखना, लोगों से बहस करना, आर्या की आदत बन चुकी है। आर माधवन ने इस किरदार को उतनी ही सहजता से निभाया था जितना सहज वह असल जीवन में दिखते हैं। एक लेखक की भूमिका में उन्होंने अद्भुत काम किया है, जो अपने मन की बात कहने में कोई कसर नहीं छोड़ता है।
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