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रूस और भारत
– फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार


भारत और रूस पारंपरिक रूप से रक्षा सौदे के मामले में सहयोगी देश रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रूसी समाचार एजेंसी- टीएएसएस के हवाले से बताया कि रूस भारत को इग्ला-एस (Igla-S) विमान भेदी मिसाइलों की आपूर्ति करेगा। हाथ से पकड़ी जाने वाली इन विमान भेदी मिसाइलों की आपूर्ति के लिए दोनों देशों ने एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। लाइसेंस के तहत भारत में इग्ला के उत्पादन की अनुमति भी मिली है।

दस्तावेजों पर हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी

इग्ला-एस एक मानव-पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली (MANPADS) है। इसे किसी व्यक्ति या चालक दल की तरफ से दुश्मन के विमान को गिराने के लिए काफी आसानी से दागा जा सकता है। रूस के सरकारी हथियार निर्यातक रोसोबोरोनेक्सपोर्ट के प्रमुख अलेक्जेंडर मिखेयेव ने कहा, “हमने पहले ही संबंधित दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब, एक भारतीय निजी कंपनी के साथ मिलकर, हम भारत में इग्ला-एस MANPADS का उत्पादन करेंगे।”

रूस की भागीदारी से हथियारों की आपूर्ति

मिखेयेव ने कहा कि रोसोबोरोनेक्सपोर्ट और भारतीय भागीदारों ने इतिहास में भारतीय रक्षा मंत्रालय को Su-30MKI लड़ाकू जेट, टैंक, बख्तरबंद वाहन और गोले सप्लाई किए हैं। इसके अलावा, इस साल की शुरुआत में भारत और रूस ने AK-203 कलाश्निकोव असॉल्ट राइफलों का संयुक्त उत्पादन भी शुरू किया है।

विमानन हथियारों के संयुक्त उत्पादन पर गंभीरता से काम कर रहे भारत-रूस

इग्ला-एस (Igla-S) मिसाइल आपूर्ति सौदे के बारे में रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए के अनुसार, मिखेयेव ने पहले कहा, “रोसोबोरोनेक्सपोर्ट भारत के निजी और सार्वजनिक उद्यमों के साथ विमानन हथियारों के संयुक्त उत्पादन को व्यवस्थित करने और उन्हें भारत में मौजूदा विमानन बेड़े में एकीकृत करने पर भी काम कर रहा है।

उत्पादन कब शुरू होगा? इसका जवाब मिलना बाकी

रॉयटर्स ने TASS के हवाले से इग्ला-एस मिसाइल की आपूर्ति की खबर दी है, लेकिन इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है कि मिसाइल के उत्पादन में कौन सी भारतीय कंपनियां शामिल होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक उत्पादन कब शुरू होगा? इस सवाल पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

किन देशों से हथियारों का आयात करता है भारत

इस सौदे के बारे में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने कहा कि 2018 और 2022 के बीच भारत के हथियारों के आयात में रूस का हिस्सा 45 प्रतिशत था। इसमें फ्रांस ने 29 प्रतिशत, जबकि अमेरिका ने 11 प्रतिशत योगदान दिया। 

यूक्रेन के साथ लड़ाई के कारण रूस को भारी नुकसान

गौरतलब है कि यूक्रेन में युद्ध के कारण रूस की सेना और हथियारों की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है। इसके बावजूद रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। यूक्रेन के साथ लंबी लड़ाई के कारण रूस को तुलनात्मक रूप से छोटी लेकिन अत्यधिक प्रेरित और पश्चिमी देशों की मदद से सुसज्जित यूक्रेन की सेना के हाथों कई झटके झेलने पड़े हैं।

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Umesh Solanki

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