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कांग्रेस प्रत्याशी हीरालाल अलावा डॉक्टर हैं तो भाजपा प्रत्याशी शिवराम कन्नौज इंजीनियर हैं।
– फोटो : सोशल मीडिया

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धार जिले की आदिवासी सीट मनावर में चुनाव के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस सीट को हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। बीजेपी ने आदिवासी नेता रंजना बघेल को टिकट न देकर पहली बार युवा आदिवासी चेहरे को मौका दिया है। 27 वर्षीय इंजीनियर शिवराम कन्नौज का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधायक हीरालाल अलावा से होगा। 

मनावर सीट सबसे ज्यादा चर्चा में 2018 के विधानसभा चुनाव में आई। जब आदिवासी संगठन जय युवा शक्ति के 41 वर्षीय राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हीरालाल अलावा दिल्ली में एम्स की सहायक प्रोफेसर की नौकरी छोड़ राजनीति में आ गए। इसी चुनाव से राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। अपने पहले ही चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस के हीरालाल अलावा को 101500 वोट मिले। जबकि बीजेपी उम्मीदवार  रंजना बघेल को 61999 वोट हासिल हो सके थे। वह 39501 वोटों से हार गईं।

बीजेपी उम्मीदवार शिवराम कन्नौज ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक प्रतिष्ठित संस्थान से बी.टेक. (इलेक्ट्रिकल्स) की उपाधि हासिल की है। उनके पिता गोपाल कन्नौज भाजपा नेता थे जिनकी 2021 के दौरान आंधी-तूफान में एक हादसे में मौत हो गई थी। पिता के निधन के बाद राजनीति में कदम रखने वाले शिवराम कन्नौज 2022 में धार की जिला पंचायत के सदस्य चुने गए। अब वह अपने जीवन का पहला विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। 

शिवराम कन्नौज ने बताते हैं कि मनावर क्षेत्र के कई आदिवासियों को रोजगार के लिए गुजरात और अन्य राज्यों की ओर पलायन करना पड़ता है। मैं आदिवासियों को सरकारी योजनाओं के तहत उद्यमिता और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिलाऊंगा ताकि वे अपने गृह क्षेत्र में खुद के पैरों पर खड़े हो सकें। कांग्रेस विधायक आदिवासियों को आजीविका मुहैया कराने और एक सीमेंट संयंत्र के लिए अधिग्रहित उनकी जमीनें वापस दिलाने का वादा निभाने में नाकाम रहे। एक बार चुनाव जीतने के बाद आदिवासियों के पास लौट कर नहीं गए। इससे लोग उनसे नाराज हैं। इस बार आदिवासी समुदाय उनके झांसे में नहीं आएगा।

रंजना बघेल ने खड़ी की मुसीबतें

बीजेपी उम्मीदवार शिवराम कन्नौज को खुद बीजेपी से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि टिकट कटने के बाद से बघेल बागी तेवर दिखा रही हैं। बघेल मनावर सीट पर पूरी तरह से निष्क्रिय नजर आ रही है। एक या दो सभा को छोड़ दें तो पूरे चुनाव में वह कहीं भी बीजेपी उम्मीदवार के लिए वोट मांगती हुई नजर नही आईं। न ही उन्होंने अपने समर्थकों को उम्मीदवार के पक्ष में काम करने की अब तक कोई अपील की है। मनावर विधानसभा क्षेत्र में करीब 2.43 लाख मतदाता हैं जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

कांग्रेस विधायक की 5 साल में बढ़ गई संपत्ति

मनावर विधायक हीरालाल अलावा पांच वर्षों में लखपति से करोड़पति हो गए हैं। इस बार के अपने शपथ पत्र में एक करोड़ 43 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है। इसमें सोना 150 ग्राम व एक किलो चांदी है। एक बाइक व एक इनोवा कार उनके नाम पर है। अलावा वर्ष 2018 में कांग्रेसी प्रत्याशी बनकर जब चुनावी मैदान में उतरे थे। तब कुल संपत्ति 10 लाख 99 हजार के साथ ही एक बाइक पर सवार होकर निकलते थे। अलावा ने पत्नी जागृति ध्रुव के साथ दो मई 2022 को सात फेरे से शादी की रस्में पूर्ण की थी। पत्नी के पास भी एक लाख 20 हजार की राशि नकद और बैंक में 45 हजार 988 रुपये है। अलावा के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। इसके साथ ही स्वयं व पत्नी के पास भी कोई शस्त्र भी नहीं है।

 

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Umesh Solanki

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