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2022 में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े शिकार बाइकर्स और पैदल यात्री थे। दिल्ली पुलिस ने पिछले साल के लिए सड़क दुर्घटना के आंकड़े जारी किए हैं। जिससे पता चलता है कि पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले 10 में से लगभग आठ लोग या तो दोपहिया सवार या पैदल चलने वाले थे।। मरने वालों में ज्यादातर पीड़ित 40 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के थे। पिछले साल दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए 10 लोगों में से नौ पुरुष थे।
दिल्ली पुलिस द्वारा साझा किए गए सड़क दुर्घटना के आंकड़ों से पता चलता है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पैदल यात्री और दोपहिया सवार सबसे ज्यादा असुरक्षित थे। आंकड़ों में कहा गया है कि पिछले साल सड़क दुर्घटना में मरने वालों में 43 प्रतिशत पैदल यात्री थे। जबकि कुल मौतों में 38 प्रतिशत मोटरसाइकिल चालक थे। 2022 में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 629 पैदल यात्री मारे गए और 1,777 घायल हुए। रिपोर्ट से पता चला कि हर तीन मौतों या चोटों में से एक में दोपहिया सवार पीड़ित थे। 2022 में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों में से 552 लोगों की मौत मोटरसाइकिल चालकों के कारण हुई, जबकि 2,263 लोग घायल हुए। 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग सबसे ज्यादा शिकार हुए। ऐसी घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या में 19-30 आयु वर्ग के पुरुष सबसे ज्यादा थे।
दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शहर में सड़क दुर्घटनाओं के कुछ प्रमुख कारणों में अनुचित सड़क घुमाव, लाइन ऑफ साइट (दृष्टि रेखा) का दिखाई न देना, स्टैंडर्ड स्पीड को कम रखने वाले उपायों की कमी, अनुचित रोशनी, गैर-मानक सड़क के किनारे और अनुचित साइनेज (संकेत) शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लापरवाह और नशे में ड्राइविंग को संबोधित करने, एक प्रभावी प्रवर्तन तंत्र स्थापित करने, वास्तविक समय डेटा विश्लेषण करने, ड्राइवर शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने, मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने और सड़क इंजीनियरिंग मुद्दों में सुधार के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग करना सहित विभिन्न उपाय लागू किए हैं।”
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले साल कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में मरने वालों की संख्या 1,68,491 हो गई है। इन सड़क हादसों में करीब 4.45 लाख लोग घायल भी हुए थे। भारतीय सड़कों पर तेज रफ्तार सबसे बड़ी जानलेवा बनी हुई है। 2022 में हुई लगभग 75 प्रतिशत दुर्घटनाओं का कारण यही है। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के पीछे गलत साइड ड्राइविंग भी सबसे बड़े कारणों में से एक है, जिसका योगदान लगभग छह प्रतिशत है। नशे में गाड़ी चलाना और गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल दो अन्य बड़े कारण हैं, जो भारत में चार प्रतिशत से ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में योगदान करते हैं।
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