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Subrata Roy Passed Away
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय का मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया। कुछ साल पहले तक सुब्रत रॉय चर्चित शख्सियत थे। बड़ी-बड़ी टाउनशिप्स, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और एयरलाइंस के मालिक थे। महंगी गाड़ियों का काफिला साथ चलता था। लेकिन, इंदौर के एक निवेशक की चिट्ठी ने उन्हें अर्श से फर्श पर ला दिया। 

चार जनवरी 2010 को इंदौर के रोशनलाल ने नेशनल हाउसिंग बैंक को हिंदी में चिट्ठी लिखी थी। रोशनलाल ने खुद को इंदौर का निवासी और सीए बताया। हालांकि, न तो कभी रोशनलाल मीडिया के सामने आए और न ही उन तक मीडिया पहुंच सका। रोशनलाल का दावा था कि उन्होंने सहारा ग्रुप की कंपनियों के बॉन्ड खरीदे हैं। नियमों का उल्लंघन कर बॉन्ड जारी किए गए हैं। सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशऩ और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशऩ ने यह बॉन्ड जारी किए थे। इनकी जांच कराने की मांग की गई थी।  हालांकि, बाद में रोशनलाल का कुछ पता नहीं चला। सहारा ग्रुप के वकीलों ने रोशनलाल के पते पर पत्र भेजे लेकिन वह भी बेरंग लौट आए थे। मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि रोशनलाल के नाम से किसी कॉर्पोरेट ग्रुप ने ही यह शिकायत की थी। 

चिट्ठी से ही ध्वस्त हुआ साम्राज्य

रोशनलाल की कथित चिट्ठी को नेशनल हाउसिंग बैंक ने सेबी को भेजा। इस तरह के मामलों की जांच सिर्फ सेबी ही कर सकता था। सेबी को इसके एक महीने बाद अहमदाबाद के एक एडवोकेसी ग्रुप- प्रोफेशनल ग्रुप फॉर इन्वेस्ट प्रोटेक्शन ने भी चिट्ठी भेजी। इसके बाद सेबी की जांच शुरू हुई और एक-एक परत खुलने लगी। सेबी ने 24 नवंबर 2010 को सहारा ग्रुप की गतिविधियों पर रोक लगा दी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो वहां से 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ निवेशकों को पैसा लौटाने का आदेश आया। निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने थे। 

सुब्रत रॉय को जाना पड़ा था जेल

रोशनलाल की चिट्ठी से शुरू हुई जांच के बाद सहारा ग्रुप की कारगुजारियां सामने आने लगी। सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में फैसला सुनाया कि सहारा ग्रुप की कंपनियों ने सेबी के नियमों का उल्लंघऩ किया है। सहारा की कंपनियां अपने निवेशकों को उनका निवेश भी नहीं लौटा सकी। इस वजह से सुब्रत रॉय को जेल भी जाना पड़ा। सहारा प्रमुख दो साल जेल में रहे। 2017 में पेरोल पर बाहर आए थे। सहारा का कहना था कि वह निवेशकों को पैसा लौटाना चाहती है लेकिन उसका पैसा सेबी ने ब्लॉक कर रखा है। 

कितने पैसे जुटाए सराहा ग्रुप ने?

सरकार की ओर से संसद में बताया गया कि सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 232.85 लाख निवेशकों से 19,400.87 करोड़ रुपये और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 75.14 लाख निवेशकों से 6380.50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

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Umesh Solanki

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