दिवसीय शिल्प बाजार में 70 से अधिक आर्टिजन की है विशाल श्रृंखला


सेक्टर 6 सिविक सेंटर वेल्डेक्स ग्राउंड में गांधी शिल्प बाजार का शुभारम्भ हस्त शिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष ( राज्य मंत्री दर्जा ) शालिनी राजपूत के हाथों से हुआ. यह यह शिल्प बाजार इस्पात नगरी के निवासियों के लिए 5 दिसंबर से 14 दिसंबर 2025 तक सुबह 11.30 से रात्रि 10.30 तक खुला रहेगा. इस शिल्प बाजार में 70 स्टॉल अलग-अलग प्रांतों से आये आर्टिजन द्वारा लगाये गए हैं.इस प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए बोर्ड अध्यक्षता शालिनी राजपूत ने कहा कि वे मूलतः कांकेर जिले की निवासी हैं. उन्होंने वकालत की पढ़ाई की है. वे भाजपा से सन 1999 से जुड़ी हैं, लेकिन सक्रिय राजनीति में वह 2003 से भा ज पा की राजनीति कर रहीं हैं. मैं पार्षद भी रही हूं, जिला महामंत्री भाजपा, मंडल अध्यक्ष कांकेर शहर, प्रदेश महामंत्री एवं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व 2020 से 2025 तक निष्ठा पूर्वक निभाया. छत्तीसगढ़ सरकार में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य भी रही. हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष का दायित्व 3 जून 2025 को मेरे द्वारा संभाला गया है. श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि हस्तशिल्प पारंपरिक एवं आधुनिकता को मिलकर कार्य करते हैं. इसके माध्यम से वह अपनी कला लोगों तक पहुंचाते हैं, जिससे इन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है. हस्तशिल्प विकास बोर्ड इन्हें बाजार उपलब्ध कराता है. साथ ही साथ उनके लिए प्रशिक्षण, विदेश में जाने की सुविधा भी दिलाई जाती है. बोर्ड के द्वारा इन्हें गांधी शिल्प, हस्त शिल्प, जगार के माध्यम से विभिन्न सांस्कृतिक विभिन्नताओं से परिचय भी होता है. छत्तीसगढ़ राज्य में 22000 आर्टिजन है, जो अपने बेहतर उत्पादों को बेच कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं. इसमें लकड़ी, बेल मेटल, काँसा,बाँस, पत्थर एवं गोदना प्रिंट प्रमुख हैं.
इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में राकेश पान्डेय ( खादी एवं ग्रामोद्योग, कैबिनेट मंत्री दर्जा), भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, स्वीटी कौशिक जिला अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा,सरला आचार्य जिला महामंत्री, सुषमा जेठानी जिला महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा, पूर्व पार्षद रश्मि सिंह, पूर्व महापौर चंद्र कांता मांडले, अनुपमा शुक्ला, सबुजा देवी, सुगंधी सोनी, आयुषी पांडेय ( भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी ), रितेश ठाकुर, भाजपा नेता मनोज मिश्रा,पलाश घोष, सुभाष शर्मा तथा हस्त शिल्प बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद थे.