
भिलाई,
जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज की प्रेरणा से रामानंदाचार्य संप्रदाय द्वारा प्रत्येक वर्ष पूरे भारत में 4 जनवरी से 18 जनवरी तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में रामानंदाचार्य संप्रदाय दुर्ग भिलाई द्वारा रविवार दिनांक 4 जनवरी 26 को मां तुलजा भवानी मंदिर परिसर सेक्टर 7 कल्याण कॉलेज के सामने भिलाई में सुबह 10:00 से आयोजित है, इसमें 200 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया है।

पिछले वर्ष पूरे भारत में रामानंदाचार्य संप्रदाय द्वारा 1,34,272 यूनिट रक्तदान किया गया था। इस वर्ष 1,50,000 यूनिट रक्त का लक्ष्य रखा गया है।
एक रक्तदान तीन जिंदगियों की उम्मीद होता है, इंसानियत के लिए रक्तदान प्रमुख माना गया है।
“धन अनेक है, पुण्य अनेक हैं,परंतु जब जीवन संरक्षण होता है तब वह पुण्य सर्वश्रेष्ठ होता है, रक्तदान ही प्रत्यक्ष ईश्वर सेवा है।”
रक्तदान से नवीन रक्त का सृजन होता है और 40 घंटे में पुनः रक्त बन जाता है। शरीर अधिक सक्रिय स्फूर्ति दायक और निरोगी रहता है। स्वास्थ्य संवर्धन होता है। नियमित रक्तदाता में रक्तचाप कोलेस्ट्रॉल एवं हृदय विकारों का प्रमाण अल्प होता है।
थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को, शल्य क्रिया और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को, गर्भवती माता को, अन्य व्याधियों से संघर्ष करने वालों को उपचार का अवसर प्राप्त होता है।
ज्योतिष अनुसार दुर्घटना और अस्पताल जाने का योग भी खत्म होता है।
रक्त दांत में जाने से आपके रक्त की जांच की जाती है, जिससे आपका ब्लड ग्रुप और कितने प्रतिशत रक्त है इसकी जानकारी होती है। विशेष रक्त ग्रुप का भी पता चलता है।
सभी दुर्ग भिलाई वालों से आग्रह कर किया जाता है कि आकर रक्तदान महादान के इस पुण्य कार्य में शामिल हुए और पुण्य प्राप्त करें।
यह जानकारी सुशील मिश्रा रक्तदान शिविर प्रमुख ने दी है |