Spread the love

क्या शासनादेश सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं?

कटनी | विशेष संवाददाता
एक दिन पहले उठाए गए सवालों के बाद भी नगर निगम कटनी से जुड़ा विवाद जस का तस बना हुआ है। संचालनालय भोपाल द्वारा दो बार स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद, उपयंत्री मोना करेरा एवं मृदुल श्रीवास्तव को अब तक भारमुक्त नहीं किया गया।
अब सवाल यह उठता है कि—
जब संचालनालय भोपाल ने 03 मार्च 2025 को स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया था,
👉 तो नगर निगम कटनी ने पालन क्यों नहीं किया?
जब 12 जनवरी 2026 को दोबारा स्पष्ट निर्देश दिए गए,
👉 तब भी आदेशों की अनदेखी किसके इशारे पर हुई?
क्या यह महज़ प्रशासनिक ढिलाई है
👉 या किसी प्रभावशाली संरक्षण का संकेत?
❓ IAS तपस्या सिंह परिहार की भूमिका पर चुप्पी क्यों?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल IAS तपस्या सिंह परिहार की भूमिका को लेकर उठ रहा है।
अब तक न तो कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आया है और न ही कोई लिखित कारण बताया गया है कि—
👉 शासन के आदेश लागू क्यों नहीं किए गए?
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि संचालनालय के आदेशों का पालन नहीं होता, तो यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।



❓ शासन अब क्या कदम उठाएगा?
अब निगाहें शासन और उच्च प्रशासन पर टिकी हैं—
क्या इस मामले में जांच के आदेश दिए जाएंगे?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों से
👉 जवाब-तलब किया जाएगा?
या फिर यह मामला भी
👉 फाइलों में दबकर रह जाएगा?

यह मामला अब सिर्फ दो उपयंत्रियों के ट्रांसफर का नहीं, बल्कि
शासन की साख, प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही का बन चुका है।
अब सवाल यही है—
❓ क्या शासन अपने ही आदेशों का सम्मान करा पाएगा?

Umesh Solanki

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *