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मोनू मानेसर
– फोटो : अमर उजाला

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विश्व हिंदू परिषद ने मंगलवार को मोनू मानेसर को ‘निर्दोष गौ-भक्त’ बताया और आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने मुस्लिम वोटों पर नजर रखने के लिए राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले उसे गिरफ्तार कर लिया। एक बयान में परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राजस्थान पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। 

मोनू मानेसर को नूंह पुलिस ने जलाभिषेक यात्रा दोबारा शुरू होने से पहले भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में मंगलवार को मानेसर स्थित आईएमटी-1 से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोपहर बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच नूंह कोर्ट में पेश किया।

अदालत ने पहले उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजने का आदेश दिया। इसी बीच, कोर्ट पहुंची राजस्थान पुलिस ने मोनू को प्रोडक्शन वारंट पर लेने की अर्जी दाखिल कर दी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि नासिर-जुनैद हत्याकांड में मोनू मानेसर से पूछताछ करनी है। कोर्ट के आदेश पर राजस्थान पुलिस मोनू को अपने साथ ले गई।

पुलिस के अनुसार नूंह साइबर क्राइम थाना में 26 अगस्त को मोनू मानेसर के खिलाफ सिपाही मनोज कुमार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। सिपाही मनोज सोशल मीडिया पर डाली गईं पोस्ट की निगरानी करते हैं। 26 अगस्त को ही मोहित मानेसर नामक एक फेसबुक प्रोफाइल पर एक भड़काऊ पोस्ट डालने की जानकारी मिली। सिपाही की इस शिकायत के बाद साइबर थाना नूंह पुलिस ने आरोपी मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद से ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू हो गए थे।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम को पता चला कि आरेापी मोनू मानेसर आईएमटी-1 मार्केट में घूम रहा है। इस पर सादे कपड़ों में पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मोनू के पास से पुलिस को एक पिस्टल और तीन कारतूस भी मिले हैं। बरामद पिस्टल के लाइसेंस की जांच की जा रही है।

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Umesh Solanki

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