सिक्किम की ल्होनक झील टूटने की चेतावनी पिछले करीब दो दशक में प्रकाशित कई वैज्ञानिक शोध और अभियान दे चुके थे। सरकार और गैर-सरकारी एजेंसियों के अध्ययनों में हिमनद झील टूटने से आई बाढ़ (जीएलओएफ) में बड़ी संख्या में लोगों के मौत और नुकसान की आशंका भी जताई गई थी।
2012 में रिमोट सेंसिंग सेंटर के साथ मिलकर भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने चेताया था कि मोरेन (हिमनद से निकले मिट्टी-पत्थर) के बांध से बनी दक्षिण ल्होनक झील में एक नोक बन गई है, यह खतरनाक साबित हो सकती है। आंकड़ा देकर कहा था कि यहां से बाढ़ की आशंका 42 प्रतिशत है और झील की नोक टूटी तो 586 घनमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी बह निकलेगा।
2016 में सरकार के विज्ञान व तकनीकी विभाग ने एनजीओ की मदद से तैयार की रिपोर्ट में झील से आपदा की आशंका जताई थी। सरकारी कॉलेज के सहायक प्रो. दिल्लीराम दहल बताते हैं कि इसके बाद सरकार ने झील में पाइप लगाकर पानी को नियंत्रित ढंग से निकालने का इंतजाम किया, लेकिन यह नाकाफी रहा।
एल्सवीयर ने झील के बदलावों को समझाया
2021 में एल्सवीयर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन ने तो बेहद विस्तार से ल्होनक झील में आ रहे बदलावों को समझाया। बताया, साल 1962 से 2008 तक 46 साल में दक्षिण ल्होनक हिमनद 2 किमी घट गया, वहीं 2008 से 2019 के बीच यह 400 मीटर और घटा। उसका सारा पानी व मलबा ल्होनक झील में पहुंचा। आंकड़ों ने साफ कर दिया कि जीओएलएफ का खतरा है।
सिक्किम में बाढ़ से हजारों प्रभावित
ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी में बुधवार को आई बाढ़ ने उत्तरी सिक्किम में भारी तबाही मचाई। बाढ़ से राज्य में 11 पुल बह गए। इसमें अकेले मंगन जिले के आठ पुल भी शामिल हैं। वहीं, नामचि में दो और गंगटोक में एक पुल बह गया। राज्य के चार प्रभावित जिलों में पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइनें और कच्चे एवं पक्के 277 घर क्षतिग्रस्त हो गए। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने बताया कि पाकयोंग में 59 लोग, गंगटोक से 22, मंगन से 16 और नामचि से पांच लोग लापता हैं। एसएसडीएमए ने बताया कि इस दौरान कुल 26 लोग घायल हुए हैं। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण भारी मात्रा में जल जमा हो गया जो चुंगथांग बांध की ओर बह निकला। जल के तेज बहाव ने बिजली संयंत्र के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया और निचले इलाकों में बसे शहरों और गांवों में बाढ़ आ गई।