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Ayodhya News: श्री राम जन्म भूमी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. वहीं मकर संक्रांति के बाद जनवरी 2024 में रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे. उसके पहले इसी वर्ष उनके पुजारी और सेवादारों को दूसरी बार बड़ा तोहफा मिला है. सबसे अधिक फायदा सहायक पुजारियों को हुआ है. जिनका वेतन अब बढ़कर मुख्य पुजारी से भी अधिक हो गया है. हालांकि मुख्य पुजारी एक है तो सहायक पुजारियों की संख्या 4 है. वेतन वृद्धि के बाद अब प्रत्येक सहायक पुजारी का वेतन मुख्य पुजारी से अधिक हो गई है.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ से ट्रस्ट ने इस वर्ष दोबारा रामलला के पुजारी और कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. तोहफे के रूप में इनके वेतन में इस वर्ष दूसरी बार बड़ी वृद्धि की गई है, मगर अभूतपूर्व रूप से सबसे बड़ा फायदा सहायक पुजारियों को हुआ है. जिनका वेतन अब बढ़कर मुख्य पुजारी से भी अधिक हो गया है. आपको बताते हैं कि वेतन वृद्धि के तौर पर कब किसका कितना वेतन बढ़ा है.

मुख्य पुजारी से ज्यादा सहायक पुजारियों का वेतन

अयोध्या में आचार्य सत्येंद्र दास रामलला के मुख्य पुजारी हैं, जिनका वेतन मई 2023 में 15,520 रुपए से बढ़कर 25,000 हुआ था और अब सितंबर से 32,900 हो गया है. वहीं मंदिर के 4 सहायक पुजारी में प्रत्येक का वेतन मई में 8,940 से बढ़कर 20,000 हुआ था जो अब 33,000 हो गया है. वहीं मंदिर के कोठारी और भंडारी का वेतन मई 2023 में 8000 से बढ़कर 15,000 हुआ था. जो अब 24,440 हो गया है. वहीं भृत्य का भी वेतन मई 2023 में 8870 से बढ़ाकर 15,000 किया गया था. जो अब 24,440 हो गया है.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बढ़ाया वेतन

वहीं भोग राग के लिए इसी वर्ष जो बढ़ोत्तरी की गई थी, उसको यथावत रखा गया है. बताया जा रहा है की सामग्री की बढ़ोत्तरी के साथ उनको मिलने वाली धनराशि में आगे बढ़ोतरी होगी. रामलला की पूजा के लिए पान सप्लाई करने वाले को 1000 के स्थान पर मई में 2100 रुपए किए गए थे जो यथावत रहेंगे. 2 माली प्रत्येक को पहले 1100 मिलते थे जिसे मई 2023 में 2100 रुपए कर दिया गया था जिसको भी यथावत रखा गया है.

यह बदलाव श्री राम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर निर्माण के साथ शुरू हुआ. इसके पहले अस्थाई मंदिर में भोगराग, पूजा-पाठ के साथ किसी तरह के बदलाव के लिए कोर्ट द्वारा नियुक्त रिसीवर से अनुमति लेनी पड़ती थी. मंदिर में नियुक्त पुजारी, सहायक पुजारी और कर्मचारियों के वेतन भी रिसीवर द्वारा तय किए गए थे. इसमें भी किसी तरह के बदलाव के लिए पहले कोर्ट की अनुमति जरूरी थी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सारी व्यवस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पास आ गई. मंदिर निर्माण के साथ उससे जुड़े चंदे और हर व्यवस्था के साथ चढ़ावे के खर्च का हिसाब किताब भी ट्रस्ट रखने लगा. इसी के बाद से ही मई 2023 में पहले पुजारी कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी हुई थी. अब चार माह बाद ही एक बार फिर इनके वेतन में बड़ी बढ़ोत्तरी कर दी गई है.

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Umesh Solanki

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