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Mahua Moitra Issue: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा के खिलाफ सवाल पूछने के बदले रिश्वत लेने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत को निचले सदन की आचार समिति के पास भेज दिया है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है.
बीजेपी सांसद ने 15 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए एक उद्योगपति से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. महुआ ने आरोपों को आधारहीन बताया और बिरला से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए समिति गठित करें. लोकसभा की आचार समिति के अध्यक्ष बीजेपी सांसद विनोद कुमार सोनकर हैं.
विशेषाधिकार के उल्लंघन का आरोप
निशिकांत दुबे ने बिरला को लिखे पत्र में विशेषाधिकार के उल्लंघन, सदन की अवमानना और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-ए के तहत एक अपराध में संसद सदस्य (लोकसभा) महुआ मोइत्रा की सीधी संलिप्तता का आरोप लगाया है.
दुबे ने एक वकील से मिले पत्र का हवाला देते हुए कहा था कि वकील ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और एक व्यवसायी के बीच रिश्वत के लेन-देन के सबूत साझा किए हैं. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में उनके (मोइत्रा) के पूछे गए 61 में से 50 सवाल अडानी समूह पर केंद्रित थे, जिस पर तृणमूल सांसद ने अक्सर कदाचार का आरोप लगाया हैं. अडानी समूह उन पर लगने वाले आरोपों की निंदा करता रहा है.
महुआ मोइत्रा का पलटवार
मोइत्रा ने सीधे तौर पर दुबे का नाम लिए बिना उन पर पलटवार करने के लिए एक्स पर कई मैसेज पोस्ट किए थे और अडानी समूह पर ताजा हमला बोला था. उन्होंने कहा था, “फर्जी डिग्रीवाला और बीजेपी के अन्य दिग्गजों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के कई मामले लंबित हैं. लोकसभाध्यक्ष द्वारा उनके निपटारे के तुरंत बाद मेरे खिलाफ किसी भी प्रस्ताव का स्वागत है.”
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