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American hostages
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने दो बंधकों को रिहा किया है। ये दोनों अमेरिकी मां-बेटी हैं। अमेरिका के इलिनोइस प्रांत के इवांस्टन की रहने वाली मां-बेटी के पास इस्राइल की भी नागरिकता है। हमास की सैन्य इकाई अल-कासम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने एक बयान में कहा कि कतर की मध्यस्थता के बाद मानवीय आधार पर दोनों को रिहा किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि बंधकों को रिहा कर अमेरिकी लोगों और दुनिया को यह बताना चाहते हैं कि राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके फासीवादी प्रशासन द्वारा किए गए दावे झूठे और निराधार हैं।
इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मां-बेटी जूडिथ ताई रानन और नताली शोशना रानन को हमास की तरफ से छोड़े जाने की पुष्टि की है। इस्राइली अधिकारियों ने बताया कि इन्हें इस्राइल में एक सैन्य ठिकाने पर ले जाया गया है जहां उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। वहीं, अन्य बंधकों के परिजनों ने खुशी जताते हुए शेष बंधकों को भी रिहा करने की अपील की है।
#WATCH | US Secretary of State, Antony Blinken says “About an hour ago, two American citizens held by Hamas since October 7 were released. These two Americans are now safely in the hands of Israeli authorities in Israel…We welcome their release…But there are still ten… pic.twitter.com/wiT5E4qns5
— ANI (@ANI) October 20, 2023
अमेरिका ने कतर सरकार का किया धन्यवाद
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बंधकों को छुड़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कतर सरकार का शुक्रिया अदा किया। ब्लिंकन ने कहा कि इस्राइल में अमेरिकी दूतावास की टीम जल्द ही शिकागो के रहने वाले दो अमेरिकी बंधकों- मां और बेटी से मुलाकात करेगी, जिन्हें सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल से बंधक बना लिया था।
उन्होंने कहा कि कई देशों के लगभग 200 अन्य बंधकों में अभी भी 10 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। ब्लिंकेन ने कहा कि हमास को सभी बंधकों को रिहा करना चाहिए। ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने अन्य बंधकों के परिवारों से बात की है और गंभीरता से उनके परिवार के सदस्यों की रिहाई के लिए काम करने का वादा किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, हमास द्वारा बंधक बनाए गए दो अमेरिकी नागरिकों को रिहा कर दिया गया है। दोनों अब इस्राइल में सुरक्षित हैं। हम उनकी रिहाई का स्वागत करते हैं। लेकिन इस संघर्ष में अभी भी 10 अन्य अमेरिकी नागरिक लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं चल पाया है। हम पता हैं कि उनमें से कुछ को हमास द्वारा बंधक बना लिया गया है। साथ ही गाजा में लगभग 200 अन्य बंधकों को भी रखा गया है। इनमें कई देशों के पुरुष, महिलाएं, युवा लड़के, लड़कियां, बुजुर्ग लोग शामिल हैं।
इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने हमास को घेरा
दो अमेरिकी बंधकों की रिहाई पर इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि बंधक बनाई गई दो महिलाओं को रिहा करने के बाद हमास दुनिया के सामने खुद को ऐसे पेश कर रहा है, जैसे वह मानवाधिकारों का बहुत बड़ा हिमायती है। जबकि हमास वास्तव में एक क्रूर आतंकवादी संगठन है, जो अभी भी गाजा पट्टी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बंधक बनाकर रखा है और लगातार मानवता के विरुद्ध अपराध कर रहा है।
सात अक्तूबर को दक्षिणी इस्राइल पर हमले के बाद हमास ने लगभग 200 लोगों को बंधक बनाने का दावा किया था। हमास का कहना है कि 50 अन्य लोगों को अन्य सशस्त्र समूहों ने बंधक बनाकर रखा है। बयान में कहा गया है कि इस्राइल के हवाई हमलों में 20 से अधिक बंधक मारे गए हैं।
हमास ने अन्य बंधकों को छोड़ने के बदले इस्राइल की जेलों में बंद 6,000 फलस्तीनियों को रिहा करने की शर्त रखी है। लेकिन इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इस शर्त को मानने से साफ कर दिया है। इस्राइल ने हमास का सफाया करने के लिए जंग का एलान किया है। इस्राइल ने कहा है कि वह हमास का सफाया करते हुए बंधकों को मुक्त कराने के लिए कार्य करेगा।
रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास संघर्ष पर चर्चा
इधर, नई दिल्ली में भारतीय सेना के शीर्ष कमांडरों ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इस्राइल-हमास संघर्ष पर गंभीर विचार विमर्श किया है ताकि इससे सबक लेते हुए भविष्य में इस तरह के खतरों और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयारी की जा सके। राष्ट्रीय राजधानी में 16 से 20 अक्तूबर तक चले सेना के कमांडर सम्मेलन में चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना की युद्ध की तैयारी को मजबूत करने के तौर तरीकों पर भी मंथन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में वर्तमान और उभरते सुरक्षा परिदृश्यों पर विचार-मंथन किया और भारतीय सेना की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
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