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Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. ऐसे में चुनावी दंगल के बड़े पहलवान इन दिनों भगवान के दरबार में दस्तक दे रहे हैं. राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हर साल की तरह सत्ता की देवी मानी जाने वाली मां पीताम्बरा शक्ति पीठ में पूजा अर्चना करने पहुंची.

इस दौरान उन्होंने मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए. माना जाता है कि वसुंधरा राजे पर जब भी संकट आता है वो दतिया स्थित मां पीताम्बरा के दरबार में नजर आती हैं.  

वसुंधरा राजे दुर्गा नवमी पर पीठ पर आयोजित हवन पूर्णाहुति में भी शामिल हुईं. इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री माया सिंह और ध्यानेन्द्र सिंह भी साथ रहे, वसुंधरा राजे पीताम्बरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी हैं और वो नवरात्रि में अक्सर दर्शन के लिए दतिया पीताम्बरा पीठ पर आती रहती हैं, लेकिन राजस्थान चुनाव के बीच दतिया पहुंच कर मां पीताम्बरा का आशीर्वाद लेना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 

वसुंधरा राजे को क्यों मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है?
वसुंधरा राजे पिछले दो दशक से राजस्थान की राजनीति का प्रमुख चेहरा बनी हुई हैं, लेकिन शायद ये पहला चुनाव होगा जब उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. भैरोंसिंह शेखावत के बाद से राजस्थान में हुए अब तक के सभी चुनाव का वो मुख्य चेहरा रही हैं, लेकिन चुनाव की तारीखों की घोषणा होने और 124 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद भी अब तक ये साफ नहीं हो सका है कि वसुंधरा राजे की आगामी विधानसभा में क्या भूमिका होगी.

वसुंधरा राजे को कहां से टिकट मिला?
दो दिन पहले ही पार्टी ने वसुंधरा राजे को झालरापाटन विधानसभा से उम्मीदवार बनाया है. टिकट घोषित होने के बाद आमतौर पर उम्मीदवार अपने क्षेत्र में जाता है, लेकिन वसुंधरा राजे दिल्ली से सीधे मध्य प्रदेश के दतिया पहुंच गई हैं. वहा वो मां पीताम्बरा की पूजा में लगी हुई है. वैसे वो नवरात्रि के मौके पर अष्टमी और नवमी को दतिया जाती रही हैं, लेकिन इस बार का उनका दौरा चर्चा में है. 

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Umesh Solanki

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