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– फोटो : बासित जरगर
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अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद शनिवार को पहली बार सभी मुस्लिम संप्रदाय के नेता एक मंच पर आए और जम्मू-कश्मीर की छवि बदलने और विकास के नए रास्ते खोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।
सुन्नी, शिया, सूफी, दाऊदी बोहरा, पसमांदा मुसलमानों और गुज्जर-बकरवाल सहित विभिन्न मुस्लिम समुदायों के धार्मिक नेताओं ने कहा कि तीन दशक में आतंकवाद से ग्रस्त क्षेत्रों में शांति और स्थिरता पीएम मोदी की बदाैलत कायम हो पाई है। चार साल में घाटी में विकास के नए रास्ते खुले और जम्मू-कश्मीर के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिली है।
समुदाय ने यह बातें एसकेआईसीसी में इंडियन माइनॉरिटी फाउंडेशन (आईएमएफ) की तरफ से सूफीवाद और कश्मीरियत, शांति और सद्भाव सम्मेलन में कहीं। इस माैके पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा कि कश्मीर सदियों से सूफीवाद और सांप्रदायिक सद्भाव की भूमि रहा है। यहां सदियों से भाईचारे की भावना पनप रही है और सह-अस्तित्व की विरासत भी सदियों पुरानी है।
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