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नरगिस मोहम्मद
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ईरान की जेल में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। दरअसल नरगिस मोहम्मदी की तबीयत खराब है और ईरान के जेल प्रशासन ने नरगिस को बिना हिजाब के अस्पताल ले जाने से मना कर दिया है। इसके विरोध में नरगिस ने जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बता दें कि ईरान में महिला अधिकारों के लिए लड़ने के लिए नरगिस मोहम्मदी को इसी साल शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
इस वजह से मोहम्मदी ने शुरू की भूख हड़ताल
एक बयान में बताया गया है कि नरगिस ने जेल में भूख हड़ताल शुरू की है। वह दो चीजों का विरोध कर रही हैं। पहली ईरान सरकार द्वारा बीमार कैदी को इलाज की सुविधा नहीं देने के खिलाफ और दूसरी ईरानी महिलाओं को अनिवार्य रूप से हिजाब पहनने के खिलाफ। नरगिस मोहम्मदी के परिवार ने बताया है कि उनकी तीन नसों में ब्लॉकेज है और फेफड़ों में भी समस्या है लेकिन जेल अधिकारियों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया है क्योंकि उन्होंने हिजाब नहीं पहना। परिवार ने बताया कि नरगिस मोहम्मदी सिर्फ पानी, शुगर और नमक ले रही हैं और उन्होंने अपनी दवाईंया भी लेनी बंद कर दी हैं।
Today, on November 6, Narges Mohammadi, a Nobel Peace Prize laureate and a prominent political prisoner detained at Evin Prison, commenced a hunger strike in protest of the prison’s failure to offer her the necessary medical care.#Iran #NargesMohammadi pic.twitter.com/fhguzUbNw8
— HRANA English (@HRANA_English) November 6, 2023
जेल में बंद हैं नरगिस मोहम्मदी
नोबेल समिति ने भी ईरान की सरकार से अपील की है कि ‘वह मोहम्मदी को जरूरी मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराएं। महिला कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए हिजाब की अनिवार्यता ना सिर्फ अमानवीय है बल्कि नौतिक तौर पर भी स्वीकार्य नहीं है।’ बता दें कि ईरान में महिलाओं का सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। महिला अधिकारों के लिए लड़ने के लिए नरगिस मोहम्मदी को नोबेल शांति पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया था। मोहम्मदी विभिन्न आरोपों में 12 साल जेल की सजा काट रही हैं। मोहम्मदी पर ईरान की सरकार के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने का भी आरोप है।
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