Coming to Hyderabad is always special and even more special is to come back to the Lal Bahadur Shastri stadium in the city. I can never forget my rally here in 2013. That time, it marked the start of a journey to elect an OBC PM. Today, from this very venue begins the countdown… pic.twitter.com/6rf0XSjp4U
इस पर ओवैसी ने पीएम मोदी को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पिछड़े मुसलमानों के लिए आरक्षण हटाने का वादा किया है, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा का विरोध किया है और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा नहीं हटाई है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जातिगत पहचान पर वोट की अपील कर रहे हैं, लेकिन ओबीसी के साथ न्याय नहीं करना चाहते हैं। जब मैं कहता हूं कि भारतीय राजनीति में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कम है, तो मुझे राष्ट्र विरोधी और सांप्रदायिक कहा जाता है। पीएम मोदी हताश हैं और यह दिख रहा है।
PM is appealing for votes on caste identity, but does not want to do justice to OBCs:
1. Promises to remove reservations for backward Muslims
पीएम मोदी ने बीआरएस पर निशाना साधते हुए कहा था कि अहंकार किसी का भी हो उसे टिकने नहीं देता है। बीआरएस के नेताओं में भी वही अहंकार दिखता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना के लोगों ने ऐसे अहंकारी सीएम को अपने वोट की ताकत से जवाब दिया था। इसी बौखलाहट में यहां के नेता मोदी को गाली देते रहते हैं। बीआरएस के भ्रष्टाचार के तार दिल्ली के शराब गोटाले से भी जुड़े हुए हैं। आज मैं ऐसे लोगों को डंके की चोट पर कहना चाहता हूं भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होके रहेगी, जिन्होंने जनता को लूटा है उन्हें लौटाना ही पड़ेगा।
उन्होंने कहा था, ये एनडीए है, बीजेपी है, जो ओबीसी हितों का सबसे ज्यादा ध्यान रखती है, उन्हें सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व देती है। केंद्र की एनडीए सरकार में 27 ओबीसी मंत्री हैं, जो आजादी के बाद सबसे ज्यादा हैं। आज देश में बीजेपी के 85 ओबीसी सांसद हैं। आज देश में बीजेपी के 365 ओबीसी विधानसभा सदस्य हैं। आज देश में बीजेपी के 65 ओबीसी विधान परिषद सदस्य हैं।