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Amshipora Village Fake Encounter: दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) के अमशीपोरा गांव में जुलाई 2020 में हुए एनकाउंटर में तीन लोगों की हत्या को लेकर आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल ने सोमवार (13 नवंबर) को बड़ा फैसला सुनाया.

सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (Armed Forces Tribunal) ने सेना के कैप्टन भूपेन्द्र सिंह की आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी. आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल ने कैप्टन भूपेन्द्र सिंह को जमानत देते हुए उन्हें अगले साल यानी 2024 के जनवरी से हर महीने के पहले सोमवार को अपने प्रधान रजिस्ट्रार के सामने पेश होने का निर्देश दिया. 

कैप्टन भूपेन्द्र सिंह के वकील ने क्या कहा?
कैप्टन सिंह (Captain Bhoopendra Singh) से संपर्क करने पर उनके वकील मेजर (सेवानिवृत्त) सुधांशु एस पांडे ने मामले का विवरण  शेयर करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला अभी भी विचाराधीन है.  हालांकि उन्होंने जमानत दिए जाने बात करते हुए कहा कि हमारा रुख सही साबित हुआ है, जिसे समरी जनरल कोर्ट मार्शल (एसजीसीएम) ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था.

सुधांशु एस पांडे ने कहा, “युवा अधिकारी को इस तरह दोषी ठहराए जाने से देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले अन्य अधिकारियों पर बहुत ही हतोत्साहित करने वाला प्रभाव पड़ेगा. इससे एक विचित्र स्थिति पैदा होगी, जिसमें युवा अधिकारी ऐसे अभियानों में कमान का आदेश मानने के बजाय लिखित आदेशों पर जोर देंगे. मैं कानून का शासन कायम रखने के लिए सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (Armed Forces Tribunal) के प्रति आभार व्यक्त करता हूं.”

मामला क्या है?
मामला 18 जुलाई, 2020 को अमशीपोरा में हुई मुठभेड़ से संबंधित है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इसमें राजौरी जिले के तीन लोग इम्तियाज अहमद ( Imtiyaz Ahmed), अबरार अहमद (Abrar Ahmed) और मोहम्मद इबरार (Mohammed Ibrar) की मौत हो गई थी और उन्हें आतंकवादी करार दिया गया था. 

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान ने तोड़ा सीजफायर, देर रात बॉर्डर पर की अंधाधुंध फायरिंग, बीएसएफ का जवान शहीद

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Umesh Solanki

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