नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ कांत अब जी20 देशों के सम्मेलन में शेरपा की जिम्मेदारी निभाने के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने कहा है कि भारत ने अफ्रीकन यूनियन (एयू) को जी20 का स्थायी सदस्य बनाकर जी20 को और अधिक समावेशी बनाया है।
अमिताभ कांत ने वर्चुअल वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण से कुछ दिन पहले भारत में हुए इस आयोजन पर अहम बयान दिया। नई दिल्ली में संपन्न जी20 सम्मेलन में शेरपा रहे अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ (AU) को समूह के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से जी20 और अधिक समावेशी बना है। का।
नई दिल्ली जी20 सम्मेलन में नेताओं की घोषणा को ग्लोबल साउथ के लिए एक बहुत ही कठिन और संघर्ष वाली जीत बताते हुए अमिताभ कांत ने कहा, यह विकासशील देशों की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है। गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के साथ इंडिया राइट्स नेटवर्क और सेंटर फॉर ग्लोबल इनसाइट्स इंडिया ने संयुक्त रूप से “जी20 दिल्ली शिखर सम्मेलन: समावेशी विकास और वैश्विक दक्षिण का उदय” विषय पर सम्मेलन का आयोजन किया।
अमिताभ कांत ने कहा, “भारत की जी20 अध्यक्षता की एक स्थायी घटना जो मेरे दिमाग में हमेशा बनी रहेगी, वह प्रधानमंत्री की कोमोरोस के राष्ट्रपति को गले लगाने और जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ का स्वागत करने की छवि है।”
उन्होंने कहा, “उस एक झटके से, भारत ने यह सुनिश्चित कर दिया कि जी20 कहीं अधिक समावेशी संस्थान बने।” गौरतलब है कि भारत ने इस साल G20 देशों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। इसके तहत सितंबर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर कायम हुआ। 1999 में स्थापना के बाद से जी20 का पहली बार इतना विस्तार हुआ है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समूह- जी20 में अफ्रीकी संघ नया स्थायी सदस्य बन गया।
भारत लगातार अफ्रीकी संघ को G20 सदस्य के रूप में शामिल करने की वकालत कर रहा था ताकि शीर्ष वैश्विक निकाय में अफ्रीकी महाद्वीप का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। बता दें कि अफ्रीकी संघ (एयू) एक प्रभावशाली संगठन है जिसमें 55 सदस्य देश शामिल हैं। अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के समूह को जी 20 में शामिल करने पर अमिताभ कांत ने कहा कि कई देश चाहते थे कि आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) जी20 का हिस्सा बने, जबकि कुछ अन्य चाहते थे कि कुछ अन्य क्षेत्रीय समूहों को ब्लॉक का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा, ”हालांकि, भारत (अफ्रीकी संघ की सदस्यता पर) दृढ़ रहा।” उन्होंने कहा, ”भारत ने एयू को समूह में लाकर जी20 को और अधिक समावेशी बना दिया है।”
शीर्ष वार्ताकार अमिताभ कांत के अनुसार, जी20 नई दिल्ली के नेताओं की घोषणा ग्लोबल साउथ के लिए बहुत कड़ी मेहनत से लड़ी गई जीत है। उन्होंने कहा, “इसका हर अक्षर, इसका हर शब्द, इसका हर वाक्य और इसके हर पैराग्राफ में ग्लोबल साउथ की खातिर पूरे साल कड़ी लड़ाई लड़ी गई है।”