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आंख
– फोटो : pixabay
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मुंबई की किलिच हेल्थकेयर इंडिया लिमिटेड ने अमेरिकी स्टोरों में बेची जाने वाली 27 प्रकार की आई ड्रॉप्स को वापस ले लिया। अमेरिका खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पिछले महीने उपभोक्ताओं को वॉलमार्ट इंक, सीवीएस हेल्थ कॉरपोरेशन, टारगेट कॉरपोरेशन और अन्य खुदरा विक्रेताओं की ओर से बेची जा रही दवाओं को न खरीदने की चेतावनी जारी की थी।
एफडीए ने इन आईड्रॉप्स से आंखों में संक्रमण होने, दृष्टिबाधा या अंधापन का खतरा बताया था। हालांकि, चेतावनी देते समय नियामक ने किलिच हेल्थकेयर इंडिया लिमिटेड का नाम नहीं लिया था। ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, किलिच ने भारत में अस्वच्छ कारखाने में आईड्रॉप्स बनाईं, जहां कुछ कर्मचारी नंगे पैर काम कर रहे थे।
दवा उत्पादन नियमों का उल्लंघन
रिपोर्ट के अनुसार, एफडीए निरीक्षकों ने अक्तूबर के मध्य में पहली बार किलिच की फैक्टरी का दौरा किया था, जहां उन्होंने दवा उत्पादन नियमों के उल्लंघन के कई मामले पाए थे। उनमें से एक यह था कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट रिकॉर्ड में पिछली तारीख के परीक्षण परिणाम भर रहे थे। निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूनों से फिलिंग क्षेत्रों में बैक्टीरिया संदूषण का भी पता चला था। इन्हीं स्थानों पर आईड्रॉप्स को बोतलबंद किया गया था।
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